अरुई की फसल और भागवत कथा के टेंट को लेकर दो पक्ष भिड़े, गांव में तनाव, पुलिस ने संभाली स्थिति
कैंपियरगंज: खाझा गांव में खूनी संघर्ष, अरुई की फसल और भागवत कथा विवाद में चले लाठी-डंडे, 12 पर केस
असलम शेख
कैंपियरगंज (गोरखपुर):
कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के खाझा गांव में मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें लाठी-डंडों और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर कुल 12 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
अरुई की फसल और शौचालय निर्माण को लेकर विवाद
पहले पक्ष की ओर से राजकुमारी देवी ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष ने उनके खेत में खड़ी अरुई की फसल को उजाड़ दिया। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि अगले दिन सुबह जब वह शौचालय तोड़े जाने का विरोध करने पहुंचीं, तो विपक्षियों ने हमला कर दिया। शोर सुनकर पहुंचे अन्य लोगों पर भी लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए।
भागवत कथा के टेंट को लेकर भी आरोप
दूसरे पक्ष की ओर से कृष्णमुरारी तिवारी ने आरोप लगाया कि विवाद की शुरुआत धार्मिक आयोजन से जुड़ी है। उनके अनुसार 2 मई की शाम घर के दरवाजे पर भागवत कथा के लिए टेंट लगाया जा रहा था, जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया।
आरोप है कि विरोध करने वाले लोग घर में घुस आए और गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू कर दी।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, गांव में शांति व्यवस्था
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर 12 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी का बयान:
“दोनों पक्षों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गांव में शांति व्यवस्था बनी हुई है। मामले की जांच की जा रही है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
— अरविंद सिंह, थाना प्रभारी, कैंपियरगंज
फिलहाल गांव में पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है और मामले की जांच जारी है।