फरेंदा में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य स्वागत, गौ-रक्षा पर दिया संदेश
राहुल सिंह | फरेंदा, महराजगंज | 21 जुलाई 2026
गौ-रक्षा धर्मयुद्ध जनजागरण अभियान के तहत जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सोमवार को पहली बार फरेंदा आगमन हुआ। उनके स्वागत के लिए कस्बे में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर उनका भव्य अभिनंदन किया।

इसके बाद नगर पंचायत आनंदनगर स्थित राम-जानकी वैकेंट हॉल में एक विशाल धर्मसभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे।
अपने संबोधन में जगद्गुरु शंकराचार्य ने गौ-रक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि “गाय हमारी माता है। अंग्रेजों के आने से पहले भारत में गाय की पूजा होती थी, लेकिन अंग्रेजों ने गाय को केवल पशु की श्रेणी में रख दिया। अंग्रेज तो चले गए, लेकिन उनकी सोच आज भी व्यवस्था में दिखाई देती है।” उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि गांधीजी ने भी गौ-रक्षा को सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय चेतना से जोड़ा था।
उन्होंने कहा कि देश में गौ-रक्षा और गौ-सम्मान को लेकर समाज की अपेक्षाएं आज भी पूरी तरह पूरी नहीं हो सकी हैं। इसके लिए समाज को संगठित होकर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से जनजागरण करना होगा।
कार्यक्रम में पूर्व प्रमुख राम प्रकाश सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी राजन तिवारी, सपा नेता अमित चौबे, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय सिंह एडवोकेट, त्रिभुवन नारायण मिश्र, गोपाल तिवारी, शुभम त्रिपाठी, देवी शरण दुबे, विभूति पांडेय, ओमप्रकाश त्रिपाठी, राजेश त्रिपाठी, रामशरण गुप्ता, दिलीप चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।