ना अध्यक्ष का पता न ठेकेदार , ना मंदिर के विकास कार्यों का! नगरवासियों का आरोप, कृष्ण जन्माष्टमी पर जारी किया वीडियो

मरचाहे बाबा कुटी मंदिर के विकास कार्यों की नगरवासियों ने उड़ाईं धज्जियां!

2 करोड़ रुपये खर्चने का दावा, सालभर में सिर्फ 25% काम? नगरवासियों ने उठाए बड़े सवाल!

ना कहीं आने-जाने का रास्ता, ना लाइटें! लाइटें लगीं और गिर गईं—बोले नगरवासी

बाथरूम ऐसा बना कि मोटा आदमी घुसे तो निकलना मुश्किल हो जाएगा!

जन्माष्टमी पर पहुंचे लोगों का फूटा गुस्सा! VIDEO में अध्यक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

मनोज कुमार त्रिपाठी

महराजगंज। मरचाहे बाबा कुटी मंदिर के विकास कार्यों और व्यवस्थाओं को लेकर नगरवासियों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर पहुंचे लोगों ने वीडियो जारी कर मंदिर परिसर की स्थिति दिखाई और अपनी नाराजगी जाहिर की।

नगरवासियों का कहना है कि मंदिर में भंडारा और छठियार का कार्यक्रम स्थानीय लोगों ने आपसी सहयोग से आयोजित किया। उनका आरोप है कि क्षेत्र के अध्यक्ष सहित किसी भी जनप्रतिनिधि की ओर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। नगरवासियों के मुताबिक, मोहल्ले के लोग स्वयं मिलकर कार्यक्रम कर रहे हैं और व्यवस्था संभाल रहे हैं।

नगरवासियों का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान भी जिम्मेदार लोग मौके पर व्यवस्थाओं को देखने नहीं पहुंचे। लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर और रास्ते की स्थिति खराब है, पानी और गंदगी की समस्या है, लेकिन इसे देखने वाला कोई नहीं है।

 

 

नगरवासियों के मुताबिक मंदिर के विकास कार्यों में करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन लगभग एक साल बीतने के बाद भी मौके पर अपेक्षित विकास दिखाई नहीं दे रहा। लोगों का दावा है कि अभी तक लगभग 25 प्रतिशत ही काम पूरा हुआ है, जबकि कई निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले बरसात के दौरान निर्माण कार्य शुरू हुआ था और अब एक साल पूरा होने को है, लेकिन इसके बावजूद काम आगे नहीं बढ़ रहा है। उनका आरोप है कि ठेकेदार या जिम्मेदार लोग थोड़ा-बहुत काम कराकर उसे बीच में ही छोड़ देते हैं और मौके पर यह देखने नहीं आते कि श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ के लिए आने-जाने में क्या परेशानी हो रही है।

मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। नगरवासियों का कहना है कि रास्ते पर मिट्टी और कचरा फैला हुआ है, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी होती है। लोगों के मुताबिक जन्माष्टमी के मौके पर कुछ जगह मिट्टी डालकर रास्ते को ठीक करने का प्रयास किया गया, लेकिन अभी भी स्थिति संतोषजनक नहीं है।

वहीं मंदिर परिसर की लाइटिंग व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। नगरवासियों का कहना है कि मंदिर और शिवजी के मंदिर के आसपास पर्याप्त लाइटिंग नहीं की गई। लोगों के मुताबिक लाइटिंग के लिए लगाए गए पोल भी कई जगह गिरकर जमीन पर पड़े हैं और व्यवस्था ठीक से संचालित नहीं हो रही है।

मंदिर परिसर में बने बाथरूम को लेकर भी नगरवासियों ने निर्माण पर सवाल उठाए। लोगों ने कहा कि इसमें करीब 25 लाख रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है, लेकिन निर्माण की स्थिति देखकर सवाल उठते हैं। नगरवासियों ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि बाथरूम ऐसा बना है कि मोटा आदमी घुस जाए तो निकलना मुश्किल हो जाएगा। लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता और इस पर हुए खर्च की जांच की मांग की है।

मंदिर में बने तीन सेट के निर्माण को लेकर भी नगरवासियों ने सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि तीन सेट के निर्माण में करीब 41 लाख रुपये खर्च होने की बात कही जा रही है, लेकिन मौके पर दिखाई दे रहे काम को देखकर निर्माण की गुणवत्ता और खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

नगरवासियों ने मंदिर के अध्यक्ष की कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि अध्यक्ष कभी आते नहीं हैं। कोई कार्यक्रम हो या मंदिर से जुड़ा कोई काम, वह देखने नहीं आते। नगरवासियों के मुताबिक, जन्माष्टमी के कार्यक्रम में भी अध्यक्ष की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला और वह मौके पर नहीं पहुंचे।

स्थानीय लोगों ने तीन सेट से जुड़े एक अन्य मामले का भी जिक्र किया। उनका दावा है कि एक कार्यक्रम के दौरान तीन सेट करीब 14 हजार रुपये में दिए या बेचे गए थे और उस राशि को लेकर भी लोगों को स्पष्ट जानकारी नहीं है। नगरवासियों ने पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग की है।

इसके अलावा मंदिर परिसर की जमीन और मैदान की स्थिति को लेकर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। नगरवासियों का आरोप है कि लंबे समय से कुछ हिस्से पर कब्जे की स्थिति बनी हुई है और इसे खाली कराकर पूरे ग्राउंड का विकास कराया जाना चाहिए।

नगरवासियों ने कहा कि मंदिर के विकास के लिए पूरे परिसर और मैदान को व्यवस्थित करना जरूरी है, लेकिन इस दिशा में भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल प्रशासन की भूमिका को लेकर उठ रहा है। नगरवासियों का कहना है कि मंदिर की व्यवस्थाओं और विकास कार्यों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं और खबरें भी सामने आती रही हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से स्पष्ट जांच या कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही।

मामले की जानकारी मिली है: एसडीएम

इस पूरे मामले को लेकर एसडीएम नौतनवा ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से विकास कार्यों की स्थिति और नगरवासियों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

नगरवासियों ने मांग की है कि मरचाहे बाबा कुटी मंदिर के विकास कार्यों में खर्च हुई धनराशि, निर्माण की गुणवत्ता, अधूरे कार्य, लाइटिंग, शौचालय, तीन सेट और परिसर की स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

लोगों का सवाल है कि यदि विकास कार्यों में कोई गड़बड़ी नहीं है तो फिर निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा? नगरवासियों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

एसडीएम नौतनवा ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। पूरे प्रकरण की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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