तस्करी रोकने व जांच तेज करने का लिया गया संकल्प
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
सोनौली महाराजगंज!
भारत-नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सोनौली सीमा पर द्विपक्षीय व्यापार को सुगम बनाने, ‘नो मैन्स लैंड’ (No Man’s Land) क्षेत्र को जाम-मुक्त करने और यातायात प्रबंधन को दुरुस्त करने के उद्देश्य से मंगलवार को स्थल सीमा शुल्क चौकी (LCS) सोनौली के सम्मेलन कक्ष में एक महत्वपूर्ण ‘व्यापार सुविधा बैठक’ (Trade Facilitation Meeting) का आयोजन किया गया।
इस संयुक्त बैठक में सीमा शुल्क (कस्टम्स) के सहायक आयुक्त श्री सुधीर त्यागी, सीमा शुल्क अधीक्षक (Superintendent) श्री संजय मिश्रा, सशस्त्र सीमा बल (SSB) की सहायक कमांडेंट सुश्री प्रिया यादव, सोनौली कोतवाली के थानाध्यक्ष (SHO) श्री विशाल शुक्ला सहित उत्तर प्रदेश पुलिस और सीमा शुल्क विभाग के अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। इसके साथ ही कस्टम हाउस एजेंट्स (CHA) की ओर से श्री नरेंद्र कुमार व अन्य प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और व्यापारियों की समस्याएं रखीं।
बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्णय
जांच प्रक्रिया में तेजी और व्यापार सुगमता!
बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों और कस्टम हाउस एजेंट्स (CHA) ने ‘नो मैन्स लैंड’ पर वाहनों की जांच (चेकिंग) की गति को बढ़ाने तथा आयातकों व निर्यातकों के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर अपने विचार साझा किए।
सोनौली बॉर्डर को जाम-मुक्त करने की प्रतिबद्धता!
विगत कुछ दिनों से सीमा बैरियर और नेपाल की ओर खाली वाहनों व आयातित मालवाहक ट्रकों की लंबी कतारों से हो रही परेशानी को देखते हुए, सभी अधिकारियों ने आयात-निर्यात की प्रक्रिया को सरल व त्वरित बनाने का आश्वासन दिया। साथ ही, लेन अनुशासन (Lane Discipline) और बेहतर समन्वय के जरिए सोनौली बॉर्डर क्षेत्र को जाम से मुक्त करने की प्रतिबद्धता जताई, ताकि व्यापार को बढ़ावा मिले और सीमा पार करने वाले आम यात्रियों व पर्यटकों को ट्रैफिक जाम के कारण किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अवैध व्यापार और तस्करी पर कड़ा प्रहार!
बैठक में सीमा पर अवैध आयात-निर्यात के प्रयासों को नाकाम करने के लिए सभी सुरक्षा व जांच एजेंसियों के बीच आपसी सूचना और खुफिया जानकारी (Intelligence) को तुरंत साझा करने पर विशेष जोर दिया गया। यह समन्वय बैठक अत्यंत सार्थक और सफल रही। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों और सीएचए (CHA) प्रतिनिधियों ने सीमा पार से होने वाली तस्करी पर पूर्णतः अंकुश लगाने तथा वैध एवं वास्तविक (Genuine) व्यापार को हर संभव सुविधा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का सामूहिक संकल्प लिया।







