दोयम दर्जे की ईंट और स्थानीय बालू के इस्तेमाल की शिकायत, जांच के बीच निर्माण कार्य में तेजी; ठेकेदार से मांगा गया जवाब
मनोज कुमार त्रिपाठी
महराजगंज। आस्था के प्रमुख केंद्र कोटही माता मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे मंदिर निर्माण में कथित अनियमितताओं और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की शिकायतों ने जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि निर्माण कार्य में दोयम दर्जे की ईंट और स्थानीय बालू का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य से संबंधित तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराए जाने की बात सामने आई। इसके बाद एसडीएम की ओर से ठेकेदार से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय पर रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।

वहीं, शिकायतों के बीच निर्माण कार्य तेजी से कराए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने बातचीत में बताया कि मंदिर निर्माण का ठेका हरिनंदन बाबा के पास है और पिछले 10 से 15 दिनों से निर्माण कार्य चल रहा है। इस दौरान निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री और पहले से बिछाए गए ब्लॉकों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए।
अब सबसे अहम सवाल यह है कि करीब दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस धार्मिक स्थल के निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं? क्या इस्तेमाल की जा रही ईंट, बालू और अन्य निर्माण सामग्री की तकनीकी जांच कराई जाएगी? क्या निर्माण कार्य की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन होगा?
मंदिर केवल ईंट-पत्थरों से बनने वाला भवन नहीं, बल्कि हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही न केवल सरकारी धन के उपयोग पर सवाल खड़े करती है, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास से भी जुड़ा गंभीर विषय है।
फिलहाल ठेकेदार से रिपोर्ट मांगी गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन जांच को कितनी गंभीरता से आगे बढ़ाता है और शिकायतों की तकनीकी जांच के बाद क्या सच्चाई सामने आती है।
जनता का सवाल—आस्था के मंदिर के निर्माण में गुणवत्ता से समझौते के आरोपों की निष्पक्ष जांच कब होगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?







