मनोज कुमार त्रिपाठी
गोरखपुर। नेपाल और भारत के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित ‘भारत–नेपाल आर्थिक सहयोग मंच 2026’ में दोनों देशों के उद्योगपतियों, व्यापारिक संगठनों और विशेषज्ञों ने पर्यटन, निवेश, व्यापार और आधारभूत संरचना विकास को गति देने पर जोर दिया।

गोरखपुर के रेडिसन ब्लू होटल में आयोजित इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में गौतमबुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रभावी संचालन, लुंबिनी पर्यटन विकास, भैरहवा विशेष आर्थिक क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने तथा भारत-नेपाल रेल कनेक्टिविटी विस्तार को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर व्यापक चर्चा हुई।
नेपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स लुंबिनी प्रदेश के अध्यक्ष टंक प्रसाद पोखरेल ने कहा कि भारत और नेपाल के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को आर्थिक समृद्धि, व्यापार विस्तार और पर्यटन विकास से जोड़कर दोनों देशों के नागरिकों के लिए नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने गौतमबुद्ध और पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे पर्यटन, होटल उद्योग और निवेश को बड़ा लाभ मिलेगा।

पोखरेल ने विश्व शांति के अग्रदूत भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने लुंबिनी, कुशीनगर, बोधगया और सारनाथ को जोड़कर संयुक्त बौद्ध पर्यटन सर्किट विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन नेटवर्क तैयार हो सकता है।
उन्होंने भैरहवा विशेष आर्थिक क्षेत्र में भारतीय निवेश बढ़ाने के लिए निवेश-अनुकूल नीतियां लागू करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त औद्योगिक उत्पादन एवं निर्यात को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और भारत स्थित नेपाली दूतावास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मंच में दोनों देशों के निजी क्षेत्र की भूमिका को मजबूत बनाने और व्यापारिक सहयोग को और अधिक प्रभावी बनाने पर सहमति बनी।
कार्यक्रम में भारत स्थित नेपाली दूतावास के उपप्रमुख तारानाथ अधिकारी, आर्थिक काउंसलर डॉ. सुरेन्द्र थापा, नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के कृष्ण प्रसाद शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने नेपाल–भारत आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर अपने विचार रखे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित योजनाओं को धरातल पर उतारा गया तो नेपाल और भारत के बीच व्यापार, पर्यटन और निवेश के नए द्वार खुलेंगे तथा दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय गति मिलेगी।
इस अवसर पर नेपाल से उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र से जुड़े C.P. Shrestha, कत्था उद्योग के स्वामी Basant Rokka, Bhoj Raj Khatri तथा Madhu Panthi तथा अन्य गणमान्य लोग शामिल रहें ।