उमेश चन्द्र त्रिपाठी
नौतनवा/सोनौली, महाराजगंज। भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को बनाए रखने तथा हाल के दिनों में भारतीय तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई।
नौतनवा हिन्दूधर्म गौशाला समिति के संरक्षक एवं समाजसेवी ओमप्रकाश वर्मा तथा सोनौली के वरिष्ठ नेता व मनोनीत सभासद प्रेम जायसवाल ने 22 जून 2026 को नेपाल के भैरहवा डाकघर से रजिस्ट्री के माध्यम से दो अलग-अलग पत्र भेजे। इनमें एक पत्र काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास तथा दूसरा नेपाल सरकार के नाम संबोधित किया गया है।

पत्र में कहा गया है कि भारत और नेपाल केवल पड़ोसी देश ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच प्राचीन काल से रोटी-बेटी का संबंध, समान धार्मिक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत रही है। दोनों देशों में अनेक ऐतिहासिक एवं धार्मिक तीर्थस्थल स्थित हैं, जहां श्रद्धालु वर्ष भर दर्शन-पूजन और आध्यात्मिक लाभ के लिए आते-जाते रहते हैं।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2026 की शुरुआत से नेपाल में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भारतीय महिला-पुरुष तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार, गाली-गलौज तथा आर्थिक शोषण की घटनाएं सामने आ रही हैं। इन घटनाओं के वीडियो और फोटो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं, जिससे दोनों देशों के पारंपरिक और मित्रवत संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
ओमप्रकाश वर्मा और प्रेम जायसवाल ने नेपाल सरकार से ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई करते हुए इन घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। साथ ही भारतीय दूतावास से भी इस मामले को गंभीरता से लेकर आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच मित्रता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक संबंधों की विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखना दोनों देशों के हित में है। इसलिए सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए, ताकि दोनों देशों के बीच भाईचारा और सौहार्द अनंतकाल तक बना रहे।