लखनऊ और गुजरात पुलिस की संयुक्त टीम ने किया पर्दाफाश
मुख्य साजिशकर्ता सहित पांच लुटेरे गिरफ्तार, एक लग्जरी कार, एक पल्सर बाइक, एक स्पलेंडर, मोबाइल फोन के अलावा एक करोड़ 23 लाख रुपए की नकदी बरामद
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
लखनऊ! बीते 24 अक्टूबर 2026 को गुजरात निवासी प्रग्रनेश कुमार ने आशियाना थाने पर सूचना देकर बताया कि औरंगाबाद अंडरपास के पास दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने क्रेटा कार नोटों से भरा बैग लूटकर भाग निकले।
इस सूचना पर पुलिस लूट की धारा में रिपोर्ट दर्ज मामले की छानबीन शुरू की। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त मध्य ने क्राइम ब्रांच सहित पुलिस की पांच टीमें गठित किया।
पुलिस की संयुक्त टीमें घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ मुखबिर तंत्र का सहारा लिया तो गहन जांच पड़ताल के दौरान पता चला कि इस घटना को अंजाम किसी गैर ने नहीं बल्कि वादी प्रग्रनेश कुमार ने ही साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया है।
इंस्पेक्टर आशियाना गजेन्द्र कुमार राय की एक टीम गुजरात पुलिस के सहयोग से मुख्य साजिशकर्ता प्रग्रनेश कुमार सहित तीन लुटेरों को दबोच लिया, जबकि लखनऊ पुलिस ने भी इस घटना में शामिल दो लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उपायुक्त मध्य के मुताबिक पकड़े गए लुटेरों की पहचान गुजरात निवासी जय कुमार पटेल, पाटन गुजरात निवासी यश कुमार व मुख्य साजिशकर्ता प्रग्रनेश कुमार, यूपी के फिरोजाबाद जिले के नसीरपुर थाना क्षेत्र स्थित अतापुर निवासी सुमित यादव उर्फ कल्लू व पहलालपुर मैनपुरी निवासी सत्यम के रूप में हुई है।
इंस्पेक्टर आशियाना गजेन्द्र कुमार राय के मुताबिक पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ की गई तो पता चला लूट की घटना सुनियोजित एवं षड्यंत्र के तहत की गई थी। पुलिस ने घटना में शामिल फिरोजाबाद निवासी चिराग सिंह का नाम प्रकाश में आया तो पुलिस टीम सक्रिय हुई और गुजरात राज्य में दबिश देकर स्थानीय पुलिस के सहयोग से धरदबोचा। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपित मुख्य साजिशकर्ता प्रग्रनेश कुमार ने बताया कि गुजरात निवासी अपने मालिक की धनराशि लेकर कार से किसी व्यक्ति को रुपए देने लखनऊ आ रहा था कि आशियाना क्षेत्र स्थित औरंगाबाद अंडरपास के पास मोटरसाइकिल सवार दो युवकों ने लूटपाट कर भाग निकले थे। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार लुटेरों ने लूट की रकम से महंगी शौक पूरी करने के लिए एक आईफोन एवं एक मोटरसाइकिल भी खरीदने की बात स्वीकार किया है।
पुलिस उपायुक्त मध्य ने मीडिया को बताया कि गुजरात में पकड़े गए तीनों आरोपितों को पुलिस की टीमें अदालत में पेश करने के बाद लखनऊ के लिए रवाना हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में और कई अन्य जानकारी एकत्र करने के लिए आरोपितों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।









