“प्रशासक व्यवस्था के विरोध में प्रधान प्रतिनिधियों की आवाज, विधायक से हस्तक्षेप की अपील”
मनोज कुमार त्रिपाठी
नौतनवा, महराजगंज
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर अनिश्चितता के बीच प्रधान प्रतिनिधियों ने अपनी मांग तेज कर दी है। प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष सिंह ने स्पष्ट कहा कि यदि समय से चुनाव नहीं हो पाते हैं, तो जो भी वित्तीय अधिकार हैं, वह मौजूदा प्रधानों को ही दिए जाने चाहिए।
उन्होंने बताया कि 26 मई 2026 को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जबकि 19 जुलाई को क्षेत्र पंचायत और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल खत्म होगा। मौजूदा परिस्थितियों—जैसे पिछड़ा आयोग का गठन, मतदाता सूची का पुनरीक्षण और न्यायालय में लंबित मामलों—के चलते चुनाव समय पर कराना मुश्किल नजर आ रहा है।
प्रधान प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है। जब ADO पंचायत को प्रशासक बनाया जाता है, तो एक व्यक्ति को कई गांवों की जिम्मेदारी उठानी पड़ती है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
उन्होंने स्थानीय विधायक से अपील की है कि 16 अप्रैल से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को उठाया जाए और पूरे प्रदेश के प्रधानों को वित्तीय अधिकार देने का निर्णय लिया जाए, ताकि विकास कार्यों में कोई बाधा न आए।
अंत में उन्होंने कहा कि अगर चुनाव समय से हो जाते हैं तो यह बेहतर होगा, लेकिन यदि देरी होती है तो प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार प्रधानों के पास ही रहने चाहिए।