भारत-नेपाल बॉर्डर पर अचानक हाई अलर्ट! 6 गुना फोर्स तैनात, आधी रात रेड में लाखों का सामान जब्त

भारतीय सीमा से सटे नेपाल के रूपंदेही जिले में सशस्त्र प्रहरी बल ने कराई मुनादी

भारत से 100 रूपए से अधिक का सामान नेपाल लाने पर देना होगा भंसार (कस्टम) शुल्क 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

भारत-नेपाल की खुली सीमा पर अचानक बड़ी हलचल देखने को मिली है। नेपाल ने बॉर्डर पोस्टों पर जवानों की संख्या एक झटके में छह गुना तक बढ़ा दी है, जिससे पूरे सीमावर्ती इलाके में हड़कंप मच गया है। जहां पहले 10 से 15 जवान तैनात रहते थे, अब वहां 60-60 हथियारबंद जवानों की तैनाती कर दी गई है।

राजू आर्याल प्रमुख सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल
राजू आर्याल प्रमुख सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल

नेपाल के बैतड़ी, कंचनपुर और कैलाली जैसे सीमावर्ती इलाकों में भारी संख्या में सशस्त्र पुलिस बल पहुंच चुका है। हर चौकी पर 30 जवान एक्टिव ड्यूटी और 30 जवान रिजर्व में रखे गए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

नेपाल पुलिस ने झूलाघाट क्षेत्र में सुबह 3 बजे बड़ी कार्रवाई करते हुए तस्करी के बड़े नेटवर्क पर छापा मारा। इस रेड में करीब 21 लाख नेपाली रुपए का अवैध सामान जब्त किया गया, जिसमें शामिल है जिसमें 23 क्विंटल चीनी,5 क्विंटल मिश्री और भारी मात्रा में किराना सामग्री शामिल है।

यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सीमा पर संगठित तस्करी नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था।

नेपाल सरकार इसे अवैध घुसपैठ, मानव तस्करी और स्मग्लिंग रोकने का अभियान बता रही है। सशस्त्र पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारी दिग्विजय सुवेदी ने कहा कि बॉर्डर पर निगरानी मजबूत करना ही उद्देश्य है। 

बता दें कि यही स्थिति भारत से सटे नेपाल के समूचे 1750 किमी लंबी सीमा की है। अब भारत से 100 रूपए से अधिक का सामना नेपाल ले जाने पर भंसार शुल्क देने का आदेश नेपाल सरकार ने जारी कर दिया है। यही कारण है कि नेपाल सीमा के भीतर सुरक्षा बलों ने तस्करी में लिप्त लोगों की धर पकड़ शुरू कर दिया है जिससे नेपाल का आम आदमी पूरी तरह से हैरान और परेशान है। इसके लिए सशस्त्र बलों ने मुनादी भी कराई है।

 

बताया जाता है कि इस अभियान के पीछे नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग के निर्देश बताए जा रहे हैं, जिसके बाद सशस्त्र पुलिस प्रमुख राजू अर्याल ने बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाने के आदेश जारी किए।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि नेपाल ने यह कदम अचानक क्यों उठाया? क्या नेपाल को किसी बड़े खतरे की गुप्त सूचना मिली है? या फिर यह सिर्फ तस्करी रोकने की रणनीति है?

क्योंकि जिस सीमा पर वर्षों से आवाजाही सामान्य थी, आज वहीं हर मूवमेंट पर बंदूकें तनी हैं, जांच बढ़ गई है और निगरानी कई गुना सख्त कर दी गई है।

इस सख्ती का असर स्थानीय व्यापार और रोजमर्रा की आवाजाही पर भी पड़ सकता है। बॉर्डर से जुड़े लोग हैरान हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि नेपाल को यह बड़ा कदम उठाना पड़ा।

भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ी यह हलचल सिर्फ एक सामान्य खबर नहीं, बल्कि बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है। अब देखना होगा कि यह अभियान सिर्फ तस्करों के खिलाफ है या इसके पीछे कोई बड़ा सुरक्षा अलर्ट छिपा है।

भारत-नेपाल बॉर्डर पर यह सख्ती आने वाले बड़े घटनाक्रम की आहट भी हो सकती है।

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