एएनटीएफ यूनिट गोरखपुर व एटीएस की संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई 

एक करोड़ चालीस लाख रुपए का अवैध मादक पदार्थ बरामद 

पांच तस्कर गिरफ्तार, 3.085 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक बीड्स ओजी, पांच मोबाइल फोन व 30,390 रूपए की नकदी बरामद 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

लखनऊ! पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था के मार्गदर्शन एवं पुलिस महानिरीक्षक एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ यूनिट गोरखपुर व यूपी एटीएस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर गोरखपुर जिले के रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र स्थित देवरिया बाईपास के पास से पांच तस्करों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पकड़े गए तस्करों के पास से 3.085 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ हाइड्रोपोनिक बीड्स, पांच मोबाइल फोन, चार पहिया वाहन व 30,390 रूपए की नकदी बरामद हुई है। बरामद मादक पदार्थ की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ चालीस लाख रुपए बताई जा रही है।

 

 

एएनटीएफ यूनिट गोरखपुर के प्रभारी उपनिरीक्षक रमेश राम के मुताबिक गुरुवार को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि कुछ लोग अर्टिगा कार में मादक पदार्थ हाइड्रोपोनिक बीड्स लादकर गोरखपुर जिले के रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र होते हुए कहीं सप्लाई करने जा रहे हैं। इस सूचना पर उपनिरीक्षक रमेश राम हेड कांस्टेबल शशिकांत राय, हेड कांस्टेबल दिव्य शंकर राय, हेड कांस्टेबल उपेन्द्र यादव, हेड कांस्टेबल दीपक वर्मा, कांस्टेबल संदीप सिंह व एटीएस के उपनिरीक्षक रितेश कुमार सिंह व उपनिरीक्षक सूरज कुमार तिवारी सहित अन्य पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घेरेबंदी कर मौके से अर्टिगा कार सहित पांच लोगों को धर दबोचा।

 

एएनटीएफ टीम के मुताबिक पकड़े गए आरोपितों ने पूछताछ में अपना नाम प्रतापगढ़ जिले कनधई थाना क्षेत्र स्थित करमाही निवासी सूरज सिंह पुत्र प्रमोद सिंह, नौसारी गुजरात निवासी प्रिंस पटेल पुत्र नरेश भाई, करमाही प्रतापगढ़ निवासी सत्यम सिंह पुत्र जितेन्द्र बहादुर सिंह, गुजरात निवासी रत्नम द्विवेदी पुत्र दीपक भाई व भावनगर गुजरात निवासी भावीन पुत्र जयेश बताया।

एएनटीएफ के उपनिरीक्षक रमेश राम के मुताबिक पकड़े गए तस्करों ने पूछताछ में बताया कि यह लोग आपस में पार्टनर हैं और मिलकर इस गोरखधंधे को अंजाम देते हैं। बताया कि यह लोग अवैध मादक पदार्थ को दिल्ली होते हुए गुजरात लेकर जाते हैं जहां हाइड्रोपोनिक बीड्स की पुड़िया बनाकर बेचने की बात स्वीकार किया है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *