मनोज कुमार त्रिपाठी/उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर भारत-नेपाल पर हाई अलर्ट घोषित है। सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों का विशेष फोकस अब सीमा के पैदल मार्गों और नो-मैन्स लैंड पर है, जहां जवान लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
वाहनों की सघन तलाशी के साथ ही हर आने-जाने वालों का परिचय पत्र देखा जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर खुफिया एजेंसियों की नजर बनी हुई है। जांच में डॉग स्क्वायड की मदद ली जा रही है।

सोनौली सीमा के मुख्य मार्ग के साथ ही छोटे पैदल रास्तों और सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की सतर्कता बढ़ाई गई है। इन रास्तों से होने वाली आवाजाही पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति सुरक्षा घेरे को पार न कर सके।
भारत और नेपाल के बीच स्थित नो-मैन्स लैंड में भी सुरक्षा जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं। सीमा क्षेत्र में अनाधिकृत आवाजाही, संदिग्ध गतिविधियों और बिना पहचान के आने-जाने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है
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सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर तैनात जवानों को पैदल मार्गों, पगडंडियों और नो-मैन्स लैंड के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सीमा मार्ग के अलावा ऐसे स्थानों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है, जहां से अनाधिकृत तरीके से सीमा पार करने की आशंका रहती है।
ब्रिक्स सम्मेलन के मद्देनजर सीमा सुरक्षा को लेकर एजेंसियां किसी भी स्तर पर चूक नहीं चाहतीं। यही वजह है कि बॉर्डर चेकपोस्ट के साथ-साथ खुली सीमा,पैदल रास्तों और नो-मैन्स लैंड पर भी सुरक्षा निगरानी लगातार मजबूत की जा रही है।



