मनोज कुमार त्रिपाठी
सिंघोरवां। गांव के खेत में मंगलवार सुबह एक मादा नीलगाय बीमार अवस्था में पड़ी मिली। ग्रामीणों के अनुसार नीलगाय दर्द से कराहते हुए कई घंटों तक खेत में पड़ी रही। इसकी सूचना ग्रामीणों ने फॉरेस्टर को दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि फॉरेस्टर को सूचना देने के बावजूद मौके पर समय से कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीण करीब चार-पांच घंटे तक मदद का इंतजार करते रहे, लेकिन नीलगाय को उपचार नहीं मिल सका। इलाज के अभाव में आखिरकार मादा नीलगाय ने खेत में ही दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नीलगाय का उपचार या रेस्क्यू करती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है।
