विकास कार्यों में देरी पर डीएम गौरव सिंह सोगरवाल का कड़ा एक्शन 

सात ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के दिए निर्देश, अधिकारियों को सख्त अल्टीमेटम

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

महराजगंज! महराजगंज जनपद के नगर निकायों में संचालित विकास परियोजनाओं की जमीनी हकीकत परखने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को चौक नगर पंचायत में आयोजित निकायवार समीक्षा बैठक के दौरान कार्यों में हीलाहवाली, तय समय-सीमा का उल्लंघन और घटिया गुणवत्ता सामने आने पर डीएम ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सात ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने का आदेश जारी किया है। जिलाधिकारी के इस तेवर से लापरवाह कार्यदायी संस्थाओं, ठेकेदारों और सुस्त अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

समीक्षा के दौरान विभिन्न नगर निकायों में सुस्त गति से चल रहे निर्माण कार्यों का संज्ञान लेते हुए डीएम ने सीधी कार्रवाई की। सोनौली में सीवरेज जल निकासी परियोजना में अनावश्यक विलंब बरतने पर मेसर्स अहद और मेसर्स हरिनंदन, पंडित दीनदयाल नगर विकास योजना के काम में लेटलतीफी पर मेसर्स आशुतोष दुबे, नगर पंचायत आनंदनगर में मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के रुके कार्यों को लेकर मेसर्स जगदंबा व मेसर्स मां शारदा तथा चौक में वंदन योजना के कार्यों में लापरवाही पर मेसर्स राम निवास सिंह और मेसर्स धर्मेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए। 

जिलाधिकारी ने दो टूक चेतावनी दी कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में महराजगंज, सिसवा और चौक में मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत स्वीकृत विकास कार्यों की पारदर्शी जांच के लिए जिलास्तरीय अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित कर मौके पर स्थलीय सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। 

योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अब तक शासन को न भेजे जाने पर गहरी नाराजगी जताते हुए डीएम ने सभी संबंधित अधिशासी अधिकारियों को शुक्रवार तक हर हाल में डीपीआर प्रेषित करने की अंतिम चेतावनी दी। इसके अलावा परिषदीय विद्यालयों में चल रहे कायाकल्प व निर्माण कार्यों का भी खंड शिक्षा अधिकारियों से भौतिक सत्यापन कराने को कहा गया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति और कम जियो टैगिंग पर जिलाधिकारी ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत जियो टैगिंग कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य दिया। वहीं, पीएम स्वनिधि योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र पटरी-रेहड़ी व्यवसाइयों को लाभान्वित करने के लिए लंबित ऋण आवेदनों का निस्तारण कर तेजी से ऋण वितरण कराने का निर्देश दिया।

इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)

डॉ. प्रशांत कुमार, सभी संबंधित नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी (ईओ) तथा डूडा के परियोजना अधिकारी (पीओ) समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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