मनोज कुमार त्रिपाठी
महराजगंज, 09 अप्रैल 2026, विद्यालयों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं अभिभावकों के हितों के संरक्षण और फीस नियमन के संदर्भ में जिलाधिकारी श्री संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की गई।
बैठक में जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि जनपद के सभी वित्तविहीन प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 एवं उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) (संशोधन) अधिनियम, 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने पांच वर्षों का शुल्क विवरण, ड्रेस एवं पुस्तकों आदि की जांच हेतु त्रिसदस्यीय समिति गठित करने का निर्देश दिया। इस समिति में उपजिलाधिकारी द्वारा नामित नायब तहसीलदार, खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक शामिल होंगे। समिति द्वारा की गई जांच की विस्तृत आख्या जिलाधिकारी महोदय को उपलब्ध कराई जाएगी।

जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि सर्वसाधारण को सूचित करने हेतु सभी विद्यालयों को निर्देशित किया। कहा कि वेबसाइट एवं सूचना पट्ट पर विगत पांच वर्षों का शुल्क विवरण, ड्रेस एवं पुस्तकों की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि ब्लॉक स्तरीय समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर ऐसे विद्यालय, जिन्होंने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) + 5 प्रतिशत से अधिक शुल्क वृद्धि की है, उनसे स्पष्टीकरण जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा नोटिस जारी करते हुए प्राप्त किया जाएगा। साथ ही, शुल्क को निर्धारित सीमा के अनुरूप कम कराते हुए भविष्य की फीस में समायोजन सुनिश्चित किया जाएगा।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि जांच के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालयों में निर्धारित गणवेश में अनावश्यक परिवर्तन न किया जाए।उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी विद्यालय में पांच लगातार शैक्षणिक वर्षों के भीतर गणवेश में बदलाव नहीं किया जाएगा। सभी माध्यमिक एवं बेसिक विद्यालयों को अपने फीस स्ट्रक्चर को विद्यालय के सूचना पट्ट एवं आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।
जिलाधिकारी महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि कोई भी विद्यालय स्टेशनरी, पुस्तक, कॉपी, गणवेश आदि के लिए किसी विशेष दुकान को निर्धारित नहीं करेगा और न ही स्वयं इनका विक्रय करेगा। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालयों में केवल मान्यता प्राप्त पुस्तकों का ही संचालन हो। जिन सुविधाओं का संचालन विद्यालय द्वारा नहीं किया जा रहा है, उनका शुल्क किसी भी स्थिति में अभिभावकों से न वसूला जाए। जिलाधिकारी महोदय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं अभिभावकों का विश्वास बना रहे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री महेंद्र कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक श्री पी.के. शर्मा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सुश्री ऋद्धि पांडेय, एआरटीओ श्री मनोज सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।