एक सौ पचास पुलिस जवानों के लिए बन रहे बैरक व हास्टल का डीएम और एसपी ने किया निरीक्षण 

मानक के विपरीत दरवाजा और फाटक मिलने पर विफरे डीएम 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

महराजगंज! जनपद में पुलिस लाइन स्थित निर्माणाधीन बहुमंजिला आवासीय भवन का जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा एवं पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी द्वारा संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने 150 पुरुष पुलिस कर्मियों हेतु निर्मित हो रहे हॉस्टल/बैरक के निर्माण कार्य का विस्तार से अवलोकन किया और कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में हो रहे विलंब के कारणों की जानकारी ली। अधिशासी अभियंता द्वारा बताया गया कि प्रारंभिक चरण में नींव की खुदाई के दौरान पानी भर जाने के कारण कार्य शुरू होने में देरी हुई। इसके पश्चात मृदा परीक्षण के आधार पर पाइल नींव पर निर्माण कार्य आरम्भ किया गया, जिससे परियोजना की समयसीमा प्रभावित हुई।

निरीक्षण के दौरान बैरक में लगाए गए दरवाजों की गुणवत्ता जिलाधिकारी ने असंतोषजनक पाया और उन्हें तत्काल बदलने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने फायर फाइटिंग सिस्टम की वायरिंग बाहर से किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे दीवार के भीतर से व्यवस्थित रूप से कराने का निर्देश दिया। 

एक बैरक में सीलन पाए जाने पर भी जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि परियोजना के शेष कार्य को एक माह के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि यह हॉस्टल/बैरक जनपद की महत्वपूर्ण परियोजना है, अतः इसकी गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। 

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने भी कहा कि यह हॉस्टल/बैरक पुलिस बल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे पुलिस कर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने निर्माण कार्य को शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने पर बल दिया, ताकि कर्मियों को जल्द से जल्द इसमें आवासित किया जा सके।

इससे पूर्व अधिशासी अभियंता, पुलिस आवास निगम लिमिटेड द्वारा बताया गया कि परियोजना की कुल लागत 8.47 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य अगस्त 2020 में आरम्भ हुआ था तथा इसे मार्च 2025 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित था, किन्तु डीपीआर में परिवर्तन के कारण कार्य में विलंब हुआ।

निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता पुलिस आवास निगम लिमिटेड राम प्रताप सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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