पूरा भुगतान लेने के बाद भी अधूरा छोड़ा काम, 4 महीने से मीटर कॉन्फिगरेशन तक नहीं हुआ
मनोज कुमार त्रिपाठी
गोरखपुर में सोलर प्लांट लगाने के नाम पर एक उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित उपभोक्ता शैलेन्द्र कुमार जायसवाल ने बस्ती के परशुरामपुर स्थित रतन सोलर एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि एजेंसी Livguard कंपनी के सोलर उत्पादों की डिस्ट्रीब्यूटर है और इसी एजेंसी द्वारा उनके यहां दिनांक 12 दिसंबर 2025 को 4 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया गया था।
पीड़ित के अनुसार, सोलर प्लांट लगाने के दौरान कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले चैनल की जगह लोकल चैनल का उपयोग किया गया। साथ ही कई जरूरी कार्य अधूरे छोड़ दिए गए, जिससे प्लांट का ढांचा कमजोर और असुरक्षित बन गया।
अधूरा काम छोड़ने का आरोप
पीड़ित का कहना है कि प्लांट के स्ट्रक्चर में कई आवश्यक चीजें नहीं लगाई गईं। जैसे—
क्रॉस सपोर्ट नहीं लगाया गया
ढलाई का कार्य नहीं कराया गया
अर्थिंग में जरूरी केमिकल का उपयोग नहीं किया गया
इसके अलावा पीड़ित ने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा लगाए गए इन्वर्टर और अन्य उपकरणों का बिल/इनवॉइस भी आज तक उपलब्ध नहीं कराया गया है, जबकि पूरा भुगतान पहले ही किया जा चुका है।
मीटर कॉन्फिगरेशन न होने से नुकसान
सबसे गंभीर आरोप यह है कि सोलर प्लांट से उत्पन्न बिजली को मीटर में जोड़ने की प्रक्रिया (मीटर कॉन्फिगरेशन), जो विद्युत विभाग द्वारा वेंडर के माध्यम से की जाती है, वह समय पर नहीं कराई गई।
इस कारण पीड़ित को सोलर प्लांट का लाभ नहीं मिला और 4 महीने तक ऊर्जा उत्पादन का फायदा शून्य रहा। पीड़ित के अनुसार, इसी लापरवाही के चलते उनके ऊपर ₹16,131 का बिजली बिल बकाया हो गया।
बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने कई बार एजेंसी से संपर्क कर कार्य पूरा करने की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया गया। दिनांक 03 मई 2026 तक भी कार्य पूरा नहीं किया गया।
जनहित में कार्रवाई की मांग
पीड़ित शैलेन्द्र कुमार जायसवाल ने मीडिया के माध्यम से इस मामले को उजागर करने की अपील की है ताकि आम जनता सतर्क हो सके और भविष्य में कोई अन्य उपभोक्ता इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार न बने।