नेपाल ने भारतीय सामानों पर लगाया नया टैक्स, सीमा पर आक्रोश
मनोज कुमार त्रिपाठी
भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। नेपाल की राजधानी काठमांडू ने भारत द्वारा लिपुलेख पास के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा (कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग) के उपयोग पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई है। नेपाल सरकार का कहना है कि लिपुलेख क्षेत्र नेपाल के अंतर्गत आता है और भारत द्वारा इसका उपयोग उसकी संप्रभुता पर सवाल खड़ा करता है।
इस बीच नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार ने नेपाली 100 रुपये से अधिक मूल्य वाले भारतीय सामानों पर टैक्स लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस फैसले के बाद भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में व्यापारियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है, जिससे कई स्थानों पर सीमा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन शुरू होने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं भारत के विदेश मंत्रालय ने नेपाल के दावों को खारिज करते हुए कहा कि लिपुलेख मार्ग का उपयोग 1954 से लगातार किया जा रहा है और नेपाल के क्षेत्रीय दावे अनुचित और आधारहीन हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ते इस विवाद को लेकर अब राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते बातचीत से समाधान नहीं निकला तो इसका असर सीमा व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकता है।