नेपाल बना ड्रग तस्करी का बड़ा हब

नेपाल की वादियां पर्यटन के लिए तो बहुत अच्छी हैं पर स्मग्लिंग का शॉर्टकट बनाने के लिए नहीं? 

थाईलैंड का माल, नेपाल का रास्ता और भारत में चुपके से एंट्री 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी/मनोज कुमार त्रिपाठी 

महराजगंज! नेपाल ड्रग तस्करी का बड़ा हब बनता जा रहा है। कहते हैं “रास्ते हजार हैं, पर नेपाल का अपना ही स्वैग है!” म्यांमार के एक नागरिक को लगा कि नेपाल का बॉर्डर मतलब ‘नो वीजा, नो टेंशन, बस सीधे एंट्री !’ पर वह भूल गए कि भारतीय सुरक्षा बल और NCB वाले वहां चाय पीने नहीं, बल्कि दूरबीन लगाकर बैठे हैं!

हुआ यूं कि 4 जून 2026 को हमारे जांबाज सुरक्षा बलों और NCB ने मिलकर एक ऐसा ‘इंटरनेशनल कैच’ पकड़ा, जिसने ड्रग्स तस्करों के होश उड़ा दिए।

म्यांमार के रहने वाले 30 वर्षीय ‘फियो’ (Phyo) ने सोचा कि थाईलैंड से ‘हाइड्रोपोनिक वीड’ (एकदम हाई-क्वालिटी वाला गांजा) लेते हैं, फिर खूबसूरत नेपाल की वादियों का लुत्फ उठाते हुए, चुपके से भारत में एंट्री मार लेंगे। नेपाल को इन्होंने ‘शॉर्टकट का जन्नत’ समझ रखा था ! लेकिन जैसे ही वह नेपाल से भारत पिलर संख्या 517/2 के पास पहुंचा,सहायक कमांडेंट प्रिया यादव और उनकी टीम ने कहा- “रुक जा भाई, जरा बैग तो दिखाना!”

ट्रॉली बैग में ‘हरियाली’ और म्यांमार का ‘फियो’ जब टीम ने तलाशी ली, तो बैग से कपड़े नहीं, बल्कि 4.532 किलोग्राम चमचमाती हाइड्रोपोनिक वीड बरामद हुई! (जी हां, वही जो विदेशों में लाखों-करोड़ों की मिलती है)।

पूछताछ में फियो ने रोते हुए कुबूल किया “साहब! माल थाईलैंड का है, नेपाल के रास्ते ला रहा था। सोचा था नेपाल बॉर्डर पार करना तो बाएं हाथ का खेल है, पर यहां तो खेल ही हो गया!”

नेपाल के रास्ते हो रही इस बड़ी स्मगलिंग को नाकाम करने वाले हमारे असली हीरो हैं 22 वीं वाहिनी की सहायक कमांडेंट प्रिया यादव और SI संजय नौटियाल, हेड कांस्टेबल अमरजीत उरांव, कांस्टेबल नवनीत कुमार NCB के इंस्पेक्टर आशीष कुमार सिंह और महेश प्रसाद (गोरखपुर जोनल यूनिट) अब आरोपी और उसकी ‘विदेशी घास’ दोनों NCB की कस्टडी में हैं और वहां उनकी खातिरदारी चल रही है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि नेपाल के इस ‘कन्फर्म रूट’ के पीछे और कौन-कौन से बड़े खिलाड़ी छिपे हैं!

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