हिंदू अधिराष्ट्र और राजसंस्था की पुनर्स्थापना को बताया साझा लक्ष्य, कहा— ‘राजा गद्दी पर लौटे बिना देश का भविष्य सुरक्षित नहीं’
मनोज कुमार त्रिपाठी
काठमांडू। नागरिक बचाउ महाअभियान के संयोजक दुर्गा प्रसाईं ने दावा किया है कि नेपाल में राजसंस्था की पुनर्स्थापना के बिना देश और जनता को सुख, शांति तथा स्थिरता नहीं मिल सकती। उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था देश को सही दिशा देने में असफल रही है और अब राष्ट्रवादी शक्तियों को एकजुट होकर वैकल्पिक राजनीतिक अभियान चलाना होगा।
रविवार को काठमांडू में प्रस्तावित राष्ट्रवादी पार्टी निर्माण के लिए आयोजित जिम्मेदारी हस्तांतरण एवं परिचयात्मक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रसाईं ने कहा कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी नेता डॉ. धवलशमशेर राणा के साथ मिलकर नई राजनीतिक पार्टी गठन गर्ने निर्णय लिया है। उनका मुख्य उद्देश्य नेपाल में राजसंस्था की पुनर्स्थापना और सनातन वैदिक हिन्दू अधिराष्ट्र की स्थापना करना है।
प्रसाईं ने कहा कि नेपाल की भौगोलिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए राजसंस्था आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “जिस दिन राजा पुनः गद्दी पर विराजमान होंगे, उसी दिन देश में स्थायित्व, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके और धवलशमशेर राणा के बीच किसी प्रकार के मतभेद की संभावना नहीं है, क्योंकि दोनों का लक्ष्य एक ही है। प्रसाईं के अनुसार, साझा उद्देश्य के कारण उनके बीच की राजनीतिक साझेदारी मजबूत और दीर्घकालिक रहने वाली है।
प्रसाईं के इस बयान को नेपाल की राजनीति में राजसंस्था समर्थक शक्तियों के नए राजनीतिक ध्रुवीकरण के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। नई पार्टी गठन की घोषणा के साथ ही देश में राजसंस्था और हिन्दू राष्ट्र की बहस एक बार फिर तेज होने की संभावना है।