सीओ अभिषेक तिवारी की सख्त चेतावनी— “सिपाही का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा”
मनोज कुमार त्रिपाठी
मेरठ! सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के समर्थन में कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सिविल लाइन के सीओ अभिषेक तिवारी को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।
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दरअसल, सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के समर्थन में किसान मजदूर संगठन के लोग भी धरने में शामिल थे। इसी दौरान पुलिस ने संगठन से जुड़े कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई से नाराज व्यापारी और संगठन के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शन के दौरान किसान संगठन के नेता अंशुल तोमर की कलेक्ट्रेट में तैनात एक एसएसआई से तीखी नोकझोंक हो गई। अंशुल तोमर का आरोप था कि जब वे अपने साथी विजय राघव के बारे में जानकारी लेने थाने पहुंचे तो पुलिस ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। बाद में उन्हें पता चला कि विजय राघव का 151 में चालान कर जेल भेज दिया गया है।
इस पर एसएसआई ने सफाई देते हुए कहा कि पहले भी जानकारी दी गई थी और अब भी बताया जा रहा है कि आरोपी को 151 में चालान कर जेल भेजा गया है, जिसकी जमानत कराई जा सकती है। हालांकि किसान नेता इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने पहले अपराध बताए जाने की मांग की।
मामले की जानकारी मिलते ही सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत करने की कोशिश की। लेकिन किसान नेता के तेवर बढ़ते देख उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि बातचीत की मर्यादा बनाए रखें। सीओ ने स्पष्ट कहा कि पुलिस के जवान यहां किसी की धमकी सुनने के लिए नहीं खड़े हैं और अगर किसी सिपाही का अपमान हुआ तो इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कुछ देर तक दोनों पक्षों के बीच बहस जारी रही। इसके बाद सीओ ने सभी से एक मिनट शांत रहने को कहा और खुद थोड़ी दूरी पर जाकर खड़े हो गए। बाद में एडीएम सिटी के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। प्रशासन की पहल पर हिरासत में लिए गए दो युवकों में से एक को थाने से सुपुर्द कर दिया गया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया और व्यापारी व संगठन के लोग वहां से लौट गए।