गौशाला में अव्यवस्था या बड़ा राज? हड्डियों के अवशेष मिलने के दावे से मचा हड़कंप
हिंदू संगठनों का धरना-प्रदर्शन, प्रशासन हरकत में; नायब तहसीलदार बोले— लापरवाही मिली तो होगी सख्त कार्रवाई
मनोज कुमार त्रिपाठी
सोनौली/महराजगंज। त्रिलोकपुर स्थित कान्हा गौशाला एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। गौशाला में लगातार हो रही गायों की मौतों और बदहाल व्यवस्थाओं के बीच रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब परिसर में हड्डियों के अवशेष मिलने का दावा किया गया। सूचना मिलते ही करणी सेना, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में गौशाला पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गौशाला में लंबे समय से गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उनका कहना है कि लगातार गायों की मौत के बाद अब हड्डियों के अवशेष मिलने के दावे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान भगवा रक्षा परिषद के जिला उपाध्यक्ष शिवांश पांडे ने आरोप लगाया कि पिछले चार महीनों से लगातार गायों की मौत की सूचनाएं मिल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने उन्हें वीडियो और अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। उनका आरोप है कि गौशाला में पर्याप्त चारे और समुचित देखरेख का अभाव है, जिसके कारण गायों की मौत हो रही है।

मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन भी हरकत में आया। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने बताया कि गौशाला में हो रही गायों की मौत के मामले की जांच पहले से चल रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में केयरटेकर की लापरवाही, चारे की कमी या देखभाल में किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉक्टरों की अनुपस्थिति के आरोपों पर उन्होंने कहा कि यदि ऐसे साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक मृत्यु की स्थिति में पशु चिकित्सक की मौजूदगी में नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से हड्डियों के अवशेष मिलने के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।