सरकारी दावों की खुली पोल
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! महराजगंज जिले के नौतनवां विकास खंड के बरगदवा क्षेत्र अंतर्गत महाव नाले का पूर्वी तटबंध एक बार फिर टूट गया। यह घटना बृहस्पतिवार दोपहर करीब 2:10 बजे बरगदवा गांव निवासी शंकर के खेत के सामने हुई, जहां तटबंध लगभग 10 मीटर टूट गया। इसके कारण लगभग 50 एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई और क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

बुधवार शाम को पहाड़ी नाले में जलस्तर में भारी वृद्धि देखी गई थी। बृहस्पतिवार सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण महाव नाले का तटबंध टूट गया। तटबंध टूटने से महाव नाले का बाढ़ का पानी छोटई गुप्ता, कमलेश यादव, रविंद्र यादव, सुदामा यादव, समसुल हुदा, रामचंद्र यादव, पृथ्वी यादव, चीनक सहित दर्जनों किसानों की धान की रोपी गई फसल में घुस गया।
पिछले वर्ष अगस्त माह में भी देवघट्टी गांव के हरखपुरा टोला के सामने महाव का पूर्वी तटबंध टूट गया था।

जानकारी के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में महाव नाले का तटबंध पचास से अधिक स्थानों पर टूट चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध की मरम्मत पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके टूटने का सिलसिला जारी है।
तटबंध टूटने के करीब डेढ़ घंटे बाद भी कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
महराजगंज जनपद में महाव नाले पर सरकार द्वारा हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद तटबंध हर साल टूट रहा है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। प्रशासन के दावे हर साल विफल होते दिख रहे हैं। अधिकारियों की चुप्पी इस मामले में कई सवाल खड़े करती है।