फरेंदा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे कमिश्नर अनिल ढींगरा और डीआईजी एस. चन्नप्पा 

पीड़ितों की सुनीं समस्याएं, लापरवाही पर दी चेतावनी

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

महराजगंज! उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन शनिवार को फरेंदा तहसील सभागार में आयोजित किया गया। इस बार जनसुनवाई को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गोरखपुर मंडल के कमिश्नर अनिल ढींगरा और डीआईजी एस. चन्नप्पा खुद फरेंदा तहसील पहुंचे और संयुक्त रूप से फरियादियों की मेज पर बैठकर एक-एक कर जनता की समस्याएं सुनीं।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी के चलते समाधान दिवस में पूरे समय प्रशासनिक अमला बेहद सक्रिय नजर आया।

राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों की रही बहुलता

तहसील सभागार में आयोजित इस शिविर में फरेंदा क्षेत्र के दूर-दराज के गांवों से सैकड़ों की संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। 

जनसुनवाई के दौरान मुख्य रूप से

जमीन विवाद और पैमाइश से जुड़े राजस्व 

के मामले,पुलिसिया कार्रवाई और आपसी विवाद,स्वास्थ्य, शिक्षा, लोक निर्माण और राशन वितरण से संबंधित शिकायतें अधिकारियों के समक्ष दर्ज कराई गई।

कमिश्नर और डीआईजी ने बेहद गंभीरता से पीड़ितों की आपबीती सुनी और मौके पर ही कई फाइलों का अवलोकन कर दर्जनों शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराया।

“चक्कर काटने को मजबूर न हो जनता, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई”

मंच से कड़े तेवर अपनाते हुए कमिश्नर अनिल ढींगरा ने मातहतों को शासन की मंशा से अवगत कराया। 

उन्होंने कहा “सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि हर पीड़ित को न्याय के लिए तहसील और थानों के चक्कर न लगाने पड़ें। संपूर्ण समाधान दिवस में आने वाली हर एक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। सभी विभागों के अधिकारी प्राप्त प्रार्थना पत्रों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

डीआईजी ने दिए थाना प्रभारियों को निर्देश, पीड़ितों से करें बेहतर व्यवहार

वहीं, डीआईजी एस. चन्नप्पा ने कानून-व्यवस्था और पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि थानों पर आने वाले पीड़ितों और फरियादियों के साथ संवेदनशीलता और शिष्टता का व्यवहार किया जाए। जमीन से जुड़े विवादों में राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर मौके पर पुलिस बल भेजा जाए, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो और शांति व्यवस्था कायम रहे।

उच्चाधिकारियों को देख जनता में जगा भरोसा, तमाम अधिकारी रहे मुस्तैद

मंडल स्तर के शीर्ष अधिकारियों को अपने बीच पाकर फरियादियों में खासा उत्साह और संतोष देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना था कि बड़े अधिकारियों के सीधे हस्तक्षेप से अब उनकी समस्याओं के लटकने की गुंजाइश खत्म होगी और जल्द न्याय मिलेगा। प्रशासन ने भी आश्वस्त किया कि समाधान दिवस में प्राप्त सभी लंबित शिकायतों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग (समीक्षा) की जाएगी।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी फरेंदा, क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और लोक निर्माण विभाग के तमाम जिला व तहसील स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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