भैरहवा स्थित गौतम बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा

नई सरकार के सामने संचालन को पटरी पर लाने की बड़ी चुनौती

उमेश चन्द्र त्रिपाठी

भैरहवा नेपाल! भारतीय सीमा से सटे नेपाल के रूपन्देही जिले के भैरहवा में स्थित गौतम बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा एक बार फिर चर्चा में है। देश में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद अब सभी की नजर नई सरकार पर है कि वह इस महत्वपूर्ण हवाई अड्डे को पूरी क्षमता से संचालित कर पाएगी या नहीं।

लुम्बिनी क्षेत्र के पास स्थित यह हवाई अड्डा नेपाल का दूसरा अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट है, जिसका उद्घाटन 16 मई 2022 को किया गया था। इसे विशेष रूप से लुम्बिनी आने वाले बौद्ध तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सीधे सुविधा देने के उद्देश्य से विकसित किया गया था। उम्मीद थी कि इसके शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और निवेश में तेजी आएगी।

हालांकि अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के बावजूद एयरपोर्ट से नियमित अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का संचालन अभी तक पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाया है। एयरपोर्ट संचालन विभाग से जुड़े अधिकारी मुरारी प्रसाद ढकाल के अनुसार, कुछ अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइनों ने सीमित उड़ानें शुरू की थीं, लेकिन यात्रियों की संख्या अपेक्षा से कम होने और संचालन संबंधी चुनौतियों के कारण कई उड़ानें नियमित नहीं हो पाईं।

पर्यटन और होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि एयरपोर्ट के निर्माण के बाद इस क्षेत्र में होटल, परिवहन और पर्यटन सेवाओं में बड़े पैमाने पर निवेश हुआ है। नेपाल होटल एसोसिएशन के केंद्रीय सदस्य सीपी श्रेष्ठ का कहना है कि लुम्बिनी क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन एयरपोर्ट के पूर्ण संचालन के बिना इन संभावनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका मानना है कि सरकार को एयरलाइनों को प्रोत्साहन देने, अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को बढ़ाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लागू करनी चाहिए, जिससे लुम्बिनी को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया जा सके।

वहीं सिद्धार्थ होटल एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष किशोर जोशी ने कहा कि एयरपोर्ट से जुड़ी इमिग्रेशन सेवाओं, कर्मचारियों की संख्या और पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करना भी बेहद जरूरी है, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।

इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है। रूपन्देही निर्वाचन क्षेत्र से सांसद डॉ. लेखजंग थापा ने अपने चुनाव अभियान के दौरान गौतम बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को पूरी क्षमता से संचालित कराने का वादा किया था। उनका कहना है कि यदि एयरपोर्ट पूरी तरह सक्रिय हो जाए, तो यह क्षेत्र पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसरों का बड़ा केंद्र बन सकता है।

स्थानीय उद्योगपतियों और व्यापारियों को उम्मीद है कि नई सरकार इस एयरपोर्ट को प्राथमिकता देगी और इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण हवाई केंद्र के रूप में विकसित करेगी। ऐसे में कहा जा रहा है कि भैरहवा का गौतम बुद्ध अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा नई सरकार के लिए संचालन और प्रबंधन की पहली बड़ी परीक्षा बन सकता है।

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