कृष्ण कांत त्रिपाठी
गोरखपुर! सिपाही अभिषेक यादव की दरिंदगी का शिकार हुई मासूम बच्ची के परिवार की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए गोरखपुर पुलिस ने सहायता का बड़ा निर्णय लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ के निर्देश पर पीड़ित परिवार के पुनर्वास और बच्चियों के सुरक्षित भविष्य के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
योजना के तहत पीड़ित परिवार जिस किराए के मकान में रह रहा है, उसका एक वर्ष का किराया पुलिस विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। इसके लिए मकान मालिक से बातचीत कर अग्रिम भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा परिवार की अन्य बच्चियों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म तथा पढ़ाई से जुड़ी सभी आवश्यक सुविधाओं का खर्च भी पुलिस विभाग उठाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में बच्चियों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी।
घटना के बाद बच्चियों पर पड़े मानसिक प्रभाव को देखते हुए उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास बहाल करने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। पुलिसकर्मी बच्चियों को प्रतिदिन सुरक्षित स्कूल पहुंचाएंगे और छुट्टी के बाद उन्हें घर तक छोड़ेंगे, जिससे परिवार को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।
एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कहा, “पुलिस की यह पहल केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवार का विश्वास दोबारा मजबूत करने का प्रयास है। एक पुलिसकर्मी की करतूत से विभाग की छवि को जो नुकसान पहुंचा है, उसे सुधारने के लिए पुलिस परिवार की हर जरूरत का ध्यान रखेगी। भविष्य में भी आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।”
पुलिस विभाग ने आश्वासन दिया है कि परिवार की सुरक्षा, बच्चियों की शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।