फरेंदा विधानसभा से स्वयं तो नौतनवां से बेटे अमन को चुनावी समर में उतारने का ऐलान
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! पूर्व मंत्री और नौतनवां विधानसभा क्षेत्र से चार बार के विधायक अमरमणि त्रिपाठी जब से अपनी बाकी सजा माफ होने के बाद जेल से बाहर आए हैं, उन्हें कठिनाइयों से भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। दिन-रात एक कर पूर्व की तरह अपने बेटे अमन को दूसरी बार विधायक बनाना चाहते हैं और स्वयं भी फरेंदा से चुनाव लड़कर महराजगंज जिले में एक बार पुनः वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं लेकिन अभी टिकट का जुगाड़ करने में राह में कांटे ही कांटे दिखाई दे रहे हैं इसलिए उनके लिए टिकट पाना आसान नहीं दिख रहा है?
पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी अब तक लगभग सभी पार्टियों के दरवाजे खटखटा चुके हैं लेकिन ठोस आश्वासन नहीं मिला है। अब एक बार फिर उसी कांग्रेस से टिकट की आस लगाकर बैठे हैं, जिससे वह लगातार 4 बार चुनाव लड़े और दो बार विधायक रहे। अमरमणि साल 1989 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अमृत पाद डांगे गुट और कांग्रेस के गठबंधन के ही टिकट पर विधायक बने थे।
कुछ दिन पहले अमरमणि ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि उनका परिवार दो जगहों से चुनाव लड़ेगा। फिलहाल उन्होंने अपना दावा फरेंदा पर और अपने बेटे अमन का दावा नौतनवां विधानसभा क्षेत्र पर किया है। जेल से छूटने के बाद अमरमणि त्रिपाठी ने कई बार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का भी द्वार खटखटाया पर अभी तक उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला
पिछले दिनों प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के गोरखपुर प्रथम आगमन पर अमरमणि व उनके पुत्र अमन स्वागत करने पहुंचे थे लेकिन इस पार्टी में टिकट की मारामारी देखकर वह दूसरे विकल्पों की तलाश में भी जुट गए हैं।
अमरमणि के खुद के चुनाव लड़ने पर संशय है पर अपने बेटे अमनमणि के लिए सपा से टिकट का दावा कर सकते थे लेकिन यहां पहले से ही उनके चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी कुंवर कौशल उर्फ मुन्ना सिंह मौजूद हैं। अब दोनों प्रतिद्वंद्वी एक साथ एक ही पार्टी में तो नहीं रह सकते।
साल 2022 में अमन मणि त्रिपाठी बसपा से चुनाव लड़े थे लेकिन वह लगभग 47 हजार मत पाकर तीसरे स्थान सिमट गए। ऐसे में अभी यह परिवार बसपा पर फोकस नहीं कर रहा है। उससे ज्यादा फोकस कांग्रेस को लेकर है। संयोग से अमनमणि पिछले दो साल से कांग्रेस में हैं।
बता दें कि बीते मंगलवार को गोरखपुर एअरपोर्ट पर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव अभिषेक दत्त एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत पहुंचीं तो उनका स्वागत करने वालों में अमरमणि त्रिपाठी भी नजर आ रहे थे। इसी के बाद यह चर्चा शुरू हुई कि अमरमणि का परिवार कांग्रेस से चुनाव लड़ सकता है। अमरमणि लगातार 4 बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं और 2 बार कांग्रेस के विधायक भी रहे हैं। लेकिन अमन मणि ने अब तक कांग्रेस के टिकट पर कोई चुनाव नहीं लड़ा।


