किचन से छात्रावास और निर्माणाधीन कंप्यूटर लैब तक परखी व्यवस्थाएं, गुणवत्ता से समझौता न करने के निर्देश
दिलीप त्रिपाठी
महराजगंज, 14 सितंबर 2026। जिलाधिकारी श्री गौरव सिंह सोगरवाल ने सोमवार को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, सदर का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास, भोजन, स्वच्छता और निर्माणाधीन कार्यों का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में लगातार सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विभिन्न कक्षाओं में पहुंचे और छात्राओं से पाठ्यक्रम तथा सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछकर उनके शैक्षणिक स्तर को परखा। अधिकांश छात्राओं के संतोषजनक उत्तर देने पर उन्होंने शिक्षकों की सराहना की। साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और छात्राओं को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने विद्यालय के किचन और डाइनिंग हॉल का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं के साथ शाम का नाश्ता भी किया और स्वयं भोजन की गुणवत्ता परखी। व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलने पर उन्होंने स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता के निर्धारित मानकों को लगातार बनाए रखने के निर्देश दिए।
छात्रावास के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बालिकाओं के रहने की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने कमरों में पर्याप्त वेंटिलेशन, साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

विद्यालय परिसर में निर्माणाधीन कंप्यूटर लैब का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित, स्वच्छ, स्वस्थ और सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण मिलना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को छात्राओं की आवश्यकताओं के अनुसार विद्यालय की प्रत्येक व्यवस्था पर निरंतर निगरानी रखने और उसे बेहतर बनाने के निर्देश दिए।


