बच्चों के सर्वांगीण विकास के शिक्षा और संस्कार दोनों अनिवार्य – अंजली डायरेक्टर बचपन स्कूल नौतनवां
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
नौतनवां महराजगंज!आज दिनांक 19/9/26 को नौतनवां के बचपन स्कूल के बच्चों ने समस्त विद्यालय परिवार के साथ गणेश चतुर्थी का पर्व बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ सेलिब्रेट किया।

इस अवसर समस्त विद्यालय परिवार बप्पा की भक्ति में रमा हुआ था। इस अवसर पर बच्चों को बप्पा के जीवन पे आधारित कई प्रेरणा-प्रद कहानियां दिखाई, सुनाई और समझाई गई।
इस अवसर पर विद्यालय में इको फ्रेंडली गणेश चतुर्थी पर्व का आयोजन किया गया। स्कूल की डायरेक्टर अंजलि ने पेपर से बने बप्पा की स्थापना की। समस्त विद्यालय परिवार ने एक जुट होकर बप्पा की आरती की और अंत में उनका विसर्जन भी किया।
बच्चों ने गणेश जी के अलग-अलग नाम का उच्चारण व अर्थ समझा – गजानन, गणपति, गणेश, लम्बोदर, एकदन्त, शुभम, विनायक, भालचंद्र आदि।
डायरेक्टर अंजलि ने बताया हर त्यौहार हमें एक प्रेरणा-प्रद सीख देता है। हर पर्व के पीछे कोई न कोई कहानी होती है। हमें उस उद्देश्य का सार्थक अर्थ समझ कर अपने आचरण में लेना चाहिए। उन्होंने बच्चों को चित्रों और कहानी द्वारा बताया कि गणेश जी के बड़े कान हमें यह सीखाते हैं कि हमें कम बोलना और ज्यादा सुनना चाहिए,बप्पा का छोटा मुख हमें कम बोलना और चुपचाप अपने काम को करने की सीख देते हैं, आशीर्वाद के हाथ चारो तरफ उदारता और सकारात्मक की सीख देते हैं, छोटे नेत्र अपने लक्ष्य की तरफ देखने की आदि।
डायरेक्टर अंजली ने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चे अपनी सभ्यता और संस्कृति से परिचित होते हैं और उनका जुड़ाव बना रहता है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिये शिक्षा और संस्कार दोनों अनिवार्य है।
बच्चों में मृदुल, सामर्थ, समृद्धि, अर्सलान, माहिर, तारीख, सृष्टि, अर्पित, विश्रुत, शिवांशी, श्रीवन्या, काव्या, श्रुति, आनंद, आदर्श, काव्या, रक्षा, ईशा, अनन्या, हुजाइफ, रुद्रांशी, सुप्रिया, योगिता, भाविका, शुभी आदि उपस्थित थे।
टीचर्स में वैष्णवी, तेजस्वी, मनिता, ईशा, अंजली, प्रीती, इशिता, अंशिका, रिंकल और श्रद्धा उपस्थित रहीं।