फर्जी बैनामे पर मुकदमा दर्ज, फाइलें दबा दी गईं, 4 महीने बाद भी चार्जशीट नहीं !

सरहरी चौकी प्रभारी के बिगड़े बोल सवाल करने पर बोले – “अब आप हमको ऐसी शिक्षा तो मत दीजिए कि चौकी पर ही थे”

गुलरिहा थाना क्षेत्र में एक ही जमीन को तीन लोगों के नाम बैनामा कराने का आरोप, थाना प्रभारी से लेकर मुख्यमंत्री तक लगाई गुहार, परंतु कुछ हाथ न आने की आशंका

मनोज कुमार त्रिपाठी 

गोरखपुर। गुलरिहा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा महाराजगंज चौराहा में जमीन के कथित फर्जी बैनामे और कब्जे को लेकर एक पीड़ित लंबे समय से अधिकारियों के चक्कर लगाने को मजबूर है। पीड़ित का आरोप है कि उसकी जमीन को एक ही नंबर और एक ही रकबे के आधार पर तीन अलग-अलग लोगों के नाम कथित रूप से बैनामा कर दिया गया। मामले में एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बावजूद करीब चार महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है।

पीड़ित के अनुसार, उसने जमीन के कथित फर्जी बैनामे को लेकर पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया था। एसपी के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचना किस स्तर पर पहुंची और चार्जशीट कब दाखिल होगी, इसे लेकर पीड़ित लगातार सवाल उठा रहा है।

चार महीने बाद भी चार्जशीट का इंतजार

पीड़ित का कहना है कि मुकदमा दर्ज हुए चार महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। इसके बावजूद अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई। पीड़ित का आरोप है कि मामले में कार्रवाई की गति बेहद धीमी है और उसे लगातार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

पीड़ित का दावा है कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, उसी जमीन का कथित रूप से एक ही नंबर और एक ही रकबे के आधार पर तीन लोगों के नाम बैनामा कराया गया है। ऐसे में वह पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दस्तावेजों की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।

चौकी प्रभारी से बातचीत पर उठे सवाल

इसी मामले को लेकर जब पीड़ित ने सरहरी चौकी प्रभारी राजीव तिवारी से कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की तो बातचीत के दौरान चौकी प्रभारी ने कहा—

“अब आप हमको ऐसी शिक्षा तो मत दीजिए कि चौकी पर ही थे।”

पीड़ित के मुताबिक, उसने चौकी प्रभारी से पूछा था कि मामले में क्या हुआ और कार्रवाई कहां तक पहुंची। इस पर चौकी प्रभारी द्वारा दो दिन से चौकी पर होने की बात कही गई।

अब पीड़ित का सवाल है कि जब मुकदमा दर्ज हुए चार महीने से अधिक समय बीत चुका है और अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई, तो दो दिन चौकी पर रहने के दौरान आखिर ऐसा क्या हो जाएगा, जिससे चार महीने से लंबित कार्रवाई पूरी हो सके?

पीड़ित का कहना है कि वह किसी अधिकारी को शिक्षा देने की कोशिश नहीं कर रहा, बल्कि अपने मामले की प्रगति और कार्रवाई की जानकारी मांग रहा है।

बची हुई जमीन पर भी कब्जे की कोशिश का आरोप

पीड़ित ने आरोप लगाया कि कथित फर्जी बैनामे के अलावा उसकी जो जमीन अभी बची हुई है, उस पर भी कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि उसकी जमीन पर जबरन ईंटें गिरवा दी गई हैं और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।

पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसे लगातार मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव और धमकियां दी जा रही हैं। उसका कहना है कि उसे यह चेतावनी दी जाती है कि यदि उसने मुकदमा वापस नहीं लिया तो उसकी बची हुई जमीन पर भी कब्जा कर लिया जाएगा।

पीड़ित ने जान-माल की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है। उसका दावा है कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण उसे कार्रवाई को लेकर आशंका बनी हुई है।

एसपी, सीओ और मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला

पीड़ित के मुताबिक, उसने मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और मुख्यमंत्री तक प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि अधिकारियों को शिकायत दिए करीब एक सप्ताह का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक उसे कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है।

पीड़ित की मांग है कि कथित फर्जी बैनामे से जुड़े सभी दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, एक ही जमीन को अलग-अलग लोगों के नाम बैनामा कराने के आरोपों की जांच हो, लंबित मुकदमे की विवेचना शीघ्र पूरी कर चार्जशीट दाखिल की जाए और उसकी बची हुई जमीन पर कथित कब्जे के प्रयास को रोका जाए।

वहीं, मामले में पुलिस की ओर से विवेचना की वर्तमान स्थिति, चार्जशीट में देरी का कारण और पीड़ित द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

नोट: खबर में लगाए गए जमीन कब्जे, धमकी, प्रभावशाली लोगों के संरक्षण और कार्रवाई में देरी से जुड़े आरोप पीड़ित के बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस एवं दूसरे पक्ष का आधिकारिक पक्ष मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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