लखनऊ में विधवा महिला की जमीन पर कब्जे का आरोप, 8 फीट की बाउंड्री गिराने और पिस्टल दिखाकर धमकाने की शिकायत

रजिस्ट्री के बाद भी जमीन को लेकर विवाद, महिला ने दबंगों पर बाउंड्री तोड़ने और जातिसूचक शब्द कहने का लगाया आरोप

मनोज कुमार त्रिपाठी 

लखनऊ। दुबग्गा थाना क्षेत्र की रहने वाली 33 वर्षीय विधवा महिला वंदना ने अपनी जमीन पर कथित कब्जे और दबंगई का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) से शिकायत की है। महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उसकी जमीन पर निर्माण कार्य रुकवाया, गाली-गलौज व जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और कथित तौर पर पिस्टल दिखाकर धमकाते हुए निर्माणाधीन बाउंड्री को गिरा दिया। महिला ने मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, वंदना के पति स्वर्गीय आलोक कुमार ने ग्राम अमेठिया सलेमपुर, मजरा समरसत नगर, परगना काकोरी, तहसील लखनऊ में खसरा संख्या-697 में 185 वर्गमीटर यानी करीब 2000 वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री 9 दिसंबर 2022 को अशोक कुमार पुत्र स्वर्गीय प्रेमनाथ से कराई थी। शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2026 में जमीन का दाखिल-खारिज भी कराया गया था। पति की मृत्यु के बाद आर्थिक परिस्थितियां कमजोर होने के कारण महिला तत्काल निर्माण नहीं करा सकी।

 

निर्माण शुरू होते ही विवाद

महिला के मुताबिक, 12 और 13 सितंबर 2026 को उसने जमीन पर निर्माण कार्य शुरू कराया और करीब आठ फीट ऊंची बाउंड्री बनाकर गेट लगाया। आरोप है कि 13 सितंबर को रफीक पुत्र चुन्ना गाजी, सलमान गाजी पुत्र चुन्ना गाजी, अनस और अरशद समेत कुछ लोग मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान गाली-गलौज, कथित जातिसूचक शब्दों का प्रयोग और धमकी देने की घटना हुई। महिला का आरोप है कि इसके बाद निर्माणाधीन बाउंड्री को भी गिरा दिया गया।

ससुर ने भी सुनाई पूरी घटना

महिला के ससुर भोला प्रसाद ने अपने बयान में बताया कि उनके बेटे आलोक कुमार ने जीवित रहते अपनी पत्नी के नाम जमीन खरीदी थी। उनके मुताबिक जमीन की रजिस्ट्री के बाद वर्ष 2026 में दाखिल-खारिज भी कराया गया।

भोला प्रसाद का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद उन्होंने करीब तीन लाख रुपये का लोन लेकर सितंबर में प्लॉट पर निर्माण शुरू कराया। उनके मुताबिक तीन तरफ करीब आठ फीट ऊंची बाउंड्री बनाई गई और गेट भी लगाया गया।

भोला प्रसाद ने आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान रफीक, अहमद, आमिर, अरशद समेत करीब 10-15 लोग मौके पर पहुंचे। उनका आरोप है कि इनमें से एक व्यक्ति ने कथित तौर पर हथियार दिखाकर मिस्त्री और मजदूरों को धमकाया। इसके बाद विवाद बढ़ गया और निर्माण कार्य रुकवा दिया गया।

JCB से बाउंड्री गिराने का आरोप

भोला प्रसाद के मुताबिक, कुछ समय बाद जब वह अपनी बहू और मजदूरों के साथ सुबह मौके पर पहुंचे तो वहां बनी पूरी बाउंड्री गिरी हुई थी। उनका आरोप है कि बाउंड्री को JCB से गिराया गया और मलबा चारों तरफ फैला हुआ था।

उन्होंने बताया कि बाउंड्री में लगाया गया गेट भी मौके से गायब था। उनके अनुसार, गेट पर उनकी बहू का नाम और मोबाइल नंबर लिखा हुआ था। निर्माण सामग्री को भी नुकसान पहुंचाए जाने का आरोप लगाया गया है।

घटना के बाद भोला प्रसाद ने 112 नंबर पर सूचना देने की बात कही। उनके मुताबिक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने चौकी प्रभारी और कोतवाली पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस अधिकारियों को शिकायत देने का दावा

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने चौकी प्रभारी, कोतवाली प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। बाउंड्री टूटने की तस्वीरें और शिकायत पत्र WhatsApp के माध्यम से भी भेजे जाने का दावा किया गया है।

भोला प्रसाद का आरोप है कि उन्होंने बाउंड्री तोड़े जाने की घटना पर FIR दर्ज कराने की मांग की, लेकिन उन्हें तत्काल मुकदमा दर्ज होने की जानकारी नहीं मिली। उनका कहना है कि मामले को जमीन के विवाद से जुड़ा राजस्व प्रकरण बताया गया।

खसरा संख्या को लेकर भी विवाद

शिकायत में जमीन के खसरा नंबर को लेकर भी विवाद का उल्लेख है। महिला के अनुसार, दूसरे पक्ष की ओर से उसकी जमीन को खसरा संख्या-697 के बजाय दूसरे खसरे में होने का दावा किया गया।

पीड़ित परिवार के अनुसार, मौके की स्थिति स्पष्ट कराने के लिए लेखपाल से भी संपर्क किया गया। शिकायत में खसरा संख्या-701 की 185 वर्गमीटर भूमि से संबंधित 17 सितंबर 2026 के विनिमय विलेख का भी उल्लेख किया गया है।

परिवार का कहना है कि जमीन के वास्तविक स्वामित्व और मौके की स्थिति को लेकर राजस्व विभाग से निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

दोबारा निर्माण कराने के बाद फिर बाउंड्री गिरने का आरोप

महिला के अनुसार, 4 अक्टूबर 2026 को दोबारा निर्माण कराया गया और करीब पांच फीट ऊंची बाउंड्री तैयार की गई। 5 अक्टूबर को जब वह मजदूर और मिस्त्री के साथ शेष निर्माण कराने पहुंची तो बाउंड्री फिर से गिरी हुई मिली।

महिला का आरोप है कि बाउंड्री को दोबारा नुकसान पहुंचाया गया और गेट भी मौके से गायब था।

उच्च अधिकारियों से न्याय की उम्मीद

भोला प्रसाद ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कार्यालय से भी संपर्क किया है। उनका दावा है कि उनकी शिकायत सुनी गई और मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया गया।

उन्होंने अपनी बहू और परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि जमीन विवाद के चलते उन्हें किसी अप्रिय घटना की आशंका है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा उपलब्ध कराने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, महिला ने प्रमुख सचिव (गृह) तथा संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर मामले में मुकदमा दर्ज कराने और न्याय दिलाने की मांग की है। महिला एवं बाल विकास समिति, उत्तर प्रदेश विधानसभा को भी शिकायत भेजकर मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाए जाने की बात सामने आई है।

नोट: जमीन पर कब्जे, बाउंड्री तोड़ने, धमकी देने, हथियार दिखाने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल से जुड़े आरोप शिकायतकर्ता और उनके ससुर के बयानों/शिकायत पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आरोपित पक्ष का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाना चाहिए।

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