151 ब्राह्मणों का सम्मान, रक्तदान महादान, केक कटिंग एवं ब्राह्मण भोज के साथ मनाया गया चौथा स्थापना दिवस
रूपन्देही (नेपाल)। एशियन बुद्ध होटल के चौथे स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को भव्य धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने न केवल सनातन परंपराओं को सम्मान दिया, बल्कि मानव सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी प्रेरणादायी संदेश दिया।
स्थापना दिवस के अवसर पर दिन में रक्तदान महादान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा में अपना योगदान दिया। इसके उपरांत होटल के चौथे स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में केक काटकर वर्षगांठ समारोह मनाया गया, जिसमें उपस्थित अतिथियों एवं शुभचिंतकों ने होटल परिवार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।


वहीं शाम 5 बजे होटल परिसर में 151 ब्राह्मणों का सम्मानपूर्वक स्वागत कर सत्संग एवं ब्राह्मण भोज कार्यक्रम संपन्न कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं एवं गणमान्य लोगों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
होटल संचालक तिलकराम घिमिरे एवं सन्तोष चौधरी के नेतृत्व तथा ऑपरेशनल मैनेजर जे.पी. सुबेदी के समन्वय में आयोजित इस कार्यक्रम की उपस्थित लोगों ने मुक्तकंठ से सराहना की। लोगों का कहना था कि स्थापना दिवस को केवल उत्सव तक सीमित न रखकर उसे धर्म, सेवा और समाजहित से जोड़ना एक अनुकरणीय पहल है। कार्यक्रम के सफल संचालन और व्यवस्थाओं में जे.पी. सुबेदी की सक्रिय भूमिका की भी उपस्थित लोगों ने सराहना की।

इस अवसर पर द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ के निदेशक मनोज कुमार त्रिपाठी ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में होटल संचालक तिलकराम घिमिरे ने उनका आत्मीय स्वागत करते हुए वैदिक परंपरा के अनुसार तिलक लगाकर सम्मानित किया। मनोज कुमार त्रिपाठी के साथ-साथ खबर पत्रों के वरिष्ठ पत्रकार रविन्द्र गुप्ता का भी तिलक लगाकर सम्मान किया गया। इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे धर्म, सेवा और सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।


कार्यक्रम में प्रमुख रूप से भीमकान्त भागवत, जनार्दन न्यौपाने, दीपक पाण्डेय, सुन्दर भण्डारी, मनोहर घिमिरे, जयन्त न्यौपाने, पुरुषोत्तम बस्याल, इन्द्र प्रसाद न्यौपाने, विष्णु प्रसाद पौड्याल, तुलसी प्रसाद गौतम, नारायण प्रसाद काफ्ले, किरण पौडेल, गंगाराम पाण्डेय, अरविन्द तिवारी, बालकृष्ण मिश्र, खेमराज भण्डारी, वासुदेव मरासिनी, टंक प्रसाद सिग्देल तथा आचार्य विभुवन न्यौपाने सहित 151 ब्राह्मणजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धार्मिक आस्था, सामाजिक प्रतिबद्धता और मानव कल्याण की भावना से परिपूर्ण यह आयोजन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा तथा उपस्थित लोगों के मन पर गहरी छाप छोड़ गया।


