सपा में पांच पांडवों (पांच भाइयों) की एंट्री से राजनीतिक गलियारों में हलचल
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
गोंडा के भाजपा नेता भवानी भीख शुक्ला ने अपने पांच बेटों के साथ समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान ‘जय भवानी’ के नारे भी लगे। भवानी भीख शुक्ला को पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का करीबी बताया जाता है।
उनकी राजनीतिक यात्रा भाजपा से शुरू हुई थी। इसके बाद वह बसपा और सपा में रहे, फिर 2017 में भाजपा में लौट आए। अब एक बार फिर उन्होंने सपा में वापसी की है।

आखिर भाजपा छोड़ने की वजह क्या है?
भवानी भीख शुक्ला का आरोप है कि कटरा बाजार से भाजपा विधायक बावन सिंह के साथ विवाद के बाद उनके परिवार को परेशान किया जा रहा था। उन्होंने परिवार के साथ मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि एक साल बीतने के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने इन्हीं परिस्थितियों को भाजपा छोड़ने की वजह बताया है।
भवानी भीख शुक्ला के साथ उनके पांच बेटे-भगवान शुक्ला, कृष्ण भगवान शुक्ला, शिव भगवान शुक्ला, विष्णु भगवान शुक्ला और शंकर भगवान शुक्ला भी सपा में शामिल हुए। इसके अलावा कई ग्राम प्रधानों, जिला पंचायत सदस्यों, बीडीसी सदस्यों और अन्य समर्थकों ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की।
दावा है कि भवानी भीख शुक्ला अपने पांच बेटों समेत गोंडा से करीब 2,000 समर्थकों के साथ लगभग 300 वाहनों के काफिले के साथ लखनऊ पहुंचे।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी की राजनीति में दल-बदल का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है। अब देखना होगा कि नेताओं के इस तरह पार्टी बदलने से प्रदेश की सियासत में आगे क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।
जिस तरह से सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव ने शुक्ला परिवार को मान सम्मान दिया उससे 2027 में भवानी भीख शुक्ला का टिकट तय माना जा रहा है। ये वही भवानी भीख शुक्ला है जिन्होंने साल भर पहले 5 वीं बार के विधायक बावन सिंह से लोहा लिया था। विधायक और प्रमुख समर्थकों में भिड़ंत हुई थी, मामला आर पार का था न बावन सिंह पीछे हटे और न ही भवानी भीख शुक्ला मोर्चा लेने में कमजोर पड़े थे।
आपको बता दें बावन सिंह का जहां कटरा विधानसभा इलाके में कोई जोड़ नहीं है तो वहीं कटरा ब्लाक में भवानी भीख शुक्ला का कोई तोड़ नहीं है अभी तक ये दोनों ताकत भाजपा के साथ थी मगर अब अखिलेश यादव ने शुक्ला परिवार को साथ लेकर गोंडा में ट्रंप कार्ड की तर्ज पर ब्राह्मण कार्ड खेल दिया है जिसका असली तस्वीर 2027 चुनाव में देखने को मिलेगी।

