नवौं महाधिवेशन में नई कार्यसमिति का गठन, झापा नाटकघर निर्माण और संस्था को प्रतिष्ठान बनाने पर जोर
बिर्तामोड (झापा)। क्षितिज नाट्य समूह झापाको केन्द्रीय नवौं महाधिवेशन तथा वार्षिक साधारण सभाले माधवप्रसाद खतिवडा ‘कल्पित’ को पुनः केन्द्रीय अध्यक्ष निर्वाचित किया है। महाधिवेशन से नई कार्यसमिति का गठन करते हुए नेपाली रंगमंच, साहित्य, संगीत, नृत्य, चलचित्र तथा मौलिक संस्कृति के संरक्षण एवं प्रवर्द्धन को नई दिशा देने का संकल्प लिया गया।

नवनिर्वाचित कार्यसमिति में वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरिप्रसाद भण्डारी, उपाध्यक्ष सुजना खतिवडा, महासचिव गजेन्द्र खतिवडा ‘पृथक’, सचिव राजकुमार भट्टराई तथा कोषाध्यक्ष मुना प्रसाईं शामिल हैं। केन्द्रीय सदस्य के रूप में पितमकुमार धमला, भीमा खतिवडा, सावित्रीदेवी राजवंशी, युवराज चुडाल और मदन विश्वकर्मा निर्वाचित हुए हैं। अन्य सदस्यों का बाद में मनोनयन किया जाएगा।
महाधिवेशन में क्षितिज साहित्य विभाग की जिम्मेदारी तुलसीप्रसाद भट्टराई को अध्यक्ष के रूप में दी गई। उपाध्यक्ष दुर्गाप्रसाद सिग्देल और डिल्लीराम परदेशी रहे। वहीं नाट्य विभाग की अध्यक्ष पूर्णिमा विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष सृष्टि आचार्य, महासचिव विवेक मिश्र, सचिव समीक्षा खतिवडा तथा कोषाध्यक्ष दीपा शिवाकोटी निर्वाचित हुए। सदस्य के रूप में आर्जु पौडेल, राकेश दर्नाल और प्रज्ज्वल भट्टराई शामिल हैं।

संगीत विभाग की जिम्मेदारी अध्यक्ष माधवप्रसाद सिटौला और महासचिव सुजन शिवाकोटी को दी गई है। नृत्य विभाग के महासचिव दिलकुमार लिम्बु, नौमती बाजा संयोजक देवीमाया प्रसाईं, चलचित्र विभाग संयोजक सविता रेग्मी, उपत्यका सम्पर्क समिति संयोजक दिवाकरमानसिंह बस्नेत, अनुसन्धान तथा प्रशिक्षण विभाग प्रमुख ताराप्रकाश भट्टराई तथा योग, अध्यात्म एवं सांस्कृतिक विभाग संयोजक कुमार ढकाल बनाए गए हैं।
निर्वाचन सम्पन्न कराने के लिए साहित्यकार प्रयागराज न्यौपाने की संयोजकता में निर्वाचन समिति गठित की गई थी। समिति में बिर्ताज्योति साप्ताहिक के सम्पादक तुलसीप्रसाद निरौला तथा प्राध्यापक बिमला पोखरेल सदस्य रहे।

कार्यक्रम में 106 बार रक्तदान कर चुके ओमप्रकाश लुईंटेल को सम्मानित किया गया। अग्रज साहित्यकार केशव आचार्य के प्रमुख आतिथ्य में सम्पन्न कार्यक्रम में नाट्य विभाग प्रमुख गजेन्द्र ‘पृथक’ ने स्वागत मन्तव्य व्यक्त किया, जबकि बाल कलाकार आशुतोष भट्टराई ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। साहित्यकार प्रयागराज न्यौपाने, तुलसीप्रसाद निरौला, कृष्णप्रसाद पोखरेल लगायतले साहित्यिक रचनाएं प्रस्तुत कीं।
अध्यक्ष माधव ‘कल्पित’ ने वार्षिक प्रतिवेदन एवं आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष 2058 में स्थापित क्षितिज नाट्य समूह ने दो दशक से अधिक की यात्रा में नेपाली नाट्य एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। संस्था ने सड़क नाटक, मंच नाटक, सामाजिक जागरूकता, साहित्य, संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी गतिविधियों का विस्तार किया है।

उन्होंने कहा कि बहुजातीय, बहुभाषिक और बहुसांस्कृतिक पहचान को समेटते हुए ‘एक ईंट अभियान’ के माध्यम से झापा नाटकघर निर्माण अभियान को आगे बढ़ाया गया है। संस्था अब रंगमंचीय गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में भी काम कर रही है।
कल्पित ने आगामी कार्यकाल में क्षितिज नाट्य समूह को ‘क्षितिज नाट्य प्रतिष्ठान’ के रूप में विकसित करने का लक्ष्य बताया। उनका कहना है कि संस्था की आगामी यात्रा केवल रंगमंचीय सृजन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नेपाली कला, साहित्य, संगीत, नृत्य, चलचित्र और मौलिक संस्कृति के संरक्षण, नई पीढ़ी तक हस्तांतरण तथा संस्थागत विकास पर भी केंद्रित होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि नेपाली कला एवं संस्कृति के संरक्षण और प्रवर्द्धन में योगदान के लिए मार्च 2026 में वियतनाम के दा नाङ फाइन आर्ट एसोसिएशन ने उन्हें सम्मानित किया था। इस सम्मान को उन्होंने आगे की यात्रा के लिए प्रेरणादायी बताया।

कार्यक्रम में प्राध्यापक नवीन ओली, बिर्तामोड-3 के वडाध्यक्ष मदन बुढाथोकी, नागरिक बचाउ महाअभियान के मेची संयोजक मधुर सिटौला, बिर्तामोड-1 के वडासदस्य टेकबहादुर अधिकारी लगायत ने शुभकामना व्यक्त की। साहित्यकार डीपी शर्मा लगायत ने भी नवनिर्वाचित कार्यसमिति को सफल कार्यकाल की शुभकामना दी।
समारोह में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जबकि निर्वाचन समिति के पदाधिकारियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन क्षितिज साहित्य समूह के अध्यक्ष तुलसीप्रसाद भट्टराई ने किया तथा बन्दसत्र का संचालन निर्वाचन समिति सदस्य तुलसीप्रसाद निरौलाले गरेका थिए।



