उमेश चन्द्र त्रिपाठी
काठमांडू! प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह ‘बालेन’ ने गृह मंत्रालय अपने पास ही रखा है। सुदन गुरुंग द्वारा बुधवार को गृह मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुए इस पद पर फिलहाल किसी को नियुक्त न करने की प्रधानमंत्री बालेन की तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार, ‘हामी नेपाली’ के संयोजक भी रहे सुदन गुरुंग से जुड़े विवाद की जांच के लिए प्रधानमंत्री बालेन शाह एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की तैयारी कर रहे हैं। समिति द्वारा रिपोर्ट सौंपे जाने तक गृह मंत्रालय अपने पास रखने और यदि गुरुंग दोषी न पाए गए तो उन्हें फिर से गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी देने की प्रधानमंत्री की योजना बताई जा रही है।
प्रधानमंत्री बालेन शाह ने अपनी यह योजना राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के अध्यक्ष रवि लामिछाने को भी बता दी है।
रास्वपा अध्यक्ष लामिछाने पार्टी चलाएंगे और बालेन सरकार चलाएंगे—ऐसी आपसी समझदारी दोनों के बीच है। दोनों ने एक-दूसरे के काम में हस्तक्षेप न करने की नीति अपनाई है।
इसी कारण प्रधानमंत्री बालेन शाह ने एक महीने के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार कराने की योजना बनाई है, ताकि बिचौलिया दीपक भट्ट से जुड़े गुरुंग के मामले की गहराई से जांच हो सके। यदि गुरुंग दोषी नहीं पाए गए, तो जैसे पहले अर्थ मंत्री पद से इस्तीफा देकर दोबारा पद पर लौटे जनार्दन शर्मा, उसी तरह सुदन को भी गृह मंत्रालय में वापस लाने की रणनीति प्रधानमंत्री बालेन शाह ने की है।