भाजपा-सपा समर्थक आमने-सामने !
पुलिस के सामने तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज की चर्चा; डीएवी पीजी कॉलेज में मतदान के दौरान मची हलचल, प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी भी रहे मौजूद
मनोज कुमार त्रिपाठी
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के शिक्षक एमएलसी चुनाव के दौरान शुक्रवार, 23 अक्टूबर को गोरखपुर के डीएवी पीजी कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के समर्थकों के बीच विवाद की स्थिति सामने आई। मतदान के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। घटना के समय सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी भी मौजूद थे।
प्रत्याशी के मीडिया को बयान देने के दौरान हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मतदान केंद्र परिसर में सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी के मीडिया को बाइट देने के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ विवाद हो गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस होने की सूचना है। घटना के बाद मतदान केंद्र पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई और वहां मौजूद लोगों का ध्यान इस घटनाक्रम की ओर चला गया।

पुलिस की मौजूदगी में हुई तीखी नोकझोंक
मतदान के दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई बहस को लेकर गोरखपुर में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। मौके पर पुलिस और चुनावी सुरक्षा व्यवस्था की मौजूदगी के बीच विवाद की स्थिति बनने की खबर है। हालांकि, गाली-गलौज कितनी देर तक चली, किसने इसकी शुरुआत की और पुलिस ने क्या कार्रवाई की, इन बिंदुओं पर विस्तृत आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

एजेंट बनाने को लेकर भी उठे सवाल
गोरखपुर में मतदान के दौरान एजेंट बनाए जाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एजेंट फॉर्म कथित तौर पर गलत भरे जाने के कारण कुछ प्रत्याशियों के एजेंट नहीं बनाए जाने का आरोप लगाया गया। इस मामले में पीठासीन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी सीट पर प्रतिष्ठा की लड़ाई
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का यह चुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सीट पर भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी, समाजवादी पार्टी के डॉ. संजयन त्रिपाठी समेत कुल 17 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतदान 23 अक्टूबर को निर्धारित है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होनी है।
चुनाव के दौरान डीएवी पीजी कॉलेज में सामने आए विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। अब इस घटनाक्रम में प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक बयान या कार्रवाई की जानकारी सामने आने का इंतजार है।
स्रोत: News Track, नवजीवन और अन्य मीडिया रिपोर्टों में प्रकाशित चुनाव संबंधी जानकारी। घटना के सभी आरोपों और गाली-गलौज के विवरण की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी उपलब्ध नहीं है।

