ठूठीबारी में थानेदार पर गंभीर आरोप, व्यापार मंडल अध्यक्ष ने शुरू किया आमरण अनशन

रिश्वत मांगने, मानसिक उत्पीड़न और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी का लगाया आरोप; प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग, सुनवाई न होने पर आत्मदाह की चेतावनी

दिलीप त्रिपाठी 

महराजगंज। इंडो-नेपाल सीमा से सटे ठूठीबारी कस्बे में पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोपों ने माहौल गरमा दिया है। ठूठीबारी व्यापार मंडल अध्यक्ष एवं पत्रकार दिनेश रौनियार ने ठूठीबारी थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह पर एक विवादित मामले में कथित तौर पर धन मांगने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

दिनेश रौनियार ने आरोपों को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित कर प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की थी। वीडियो वायरल होने के करीब 24 घंटे बाद भी कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने गुरुवार को उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी निचलौल को शिकायती पत्र सौंपा। पत्र में उन्होंने शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू करने की जानकारी दी थी।

घर में पहुंची पुलिस टीम पर भी गंभीर आरोप

शिकायती पत्र के मुताबिक, दिनेश रौनियार का आरोप है कि 2 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह के निर्देश पर उपनिरीक्षक अनूप तिवारी चार पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंचे। उस समय वह परिवार के साथ कमरे में आराम कर रहे थे।

आरोप है कि पुलिसकर्मी उनके बेडरूम तक पहुंच गए और थानेदार की बात मानने का दबाव बनाया। इस दौरान परिवार के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग करने तथा फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

दिनेश रौनियार का कहना है कि कथित पुलिस उत्पीड़न के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

दुर्गा मंदिर परिसर में शुरू किया आमरण अनशन

शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ठूठीबारी कोतवाली के समीप स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में दिनेश रौनियार ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने सुनवाई नहीं होने की स्थिति में आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी है, जिससे प्रशासन के सामने मामला और गंभीर हो गया है।

अब सभी की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। मामले में लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। हालांकि, पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। पुलिस का पक्ष मिलने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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