नेपाल की जलप्रलय के बाद नारायणी में बढ़ा खतरा, चार शव मिलने से महराजगंज में हाई अलर्ट

दिलीप त्रिपाठी 

महराजगंज, 27 अगस्त 2026। नेपाल के रसुवा जिले में आई फ्लैश फ्लड के बाद नारायणी नदी में बढ़ते बहाव को देखते हुए महराजगंज जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नारायणी नदी से अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जिन्हें जिला मुख्यालय स्थित मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। प्रशासन ने आशंका जताई है कि नदी के तेज बहाव के साथ आगे भी शव बरामद हो सकते हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी गुरुवार को ग्राउंड जीरो पर पहुंचे। अधिकारियों ने नारायणी नदी, सीमावर्ती इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टेल फाल के निकट एसडीआरएफ की बोट से नदी में उतरकर राहत एवं बचाव की तैयारियों का भी जायजा लिया गया।

 

नदी पर लगातार निगरानी, SDRF-PAC-QRT अलर्ट

डीएम ने राजस्व, पुलिस, एसएसबी और एसडीआरएफ के अधिकारियों को नारायणी के जलस्तर पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। संभावित आपदा से निपटने के लिए राहत-बचाव टीमों को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों में SDRF, PAC और पुलिस की QRT टीमों को कैंप करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि नेपाल की ओर से नदी के रास्ते कोई शव आता है तो नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए। अज्ञात शव की पहचान के प्रयास के साथ उसका पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार सुनिश्चित किया जाए।

सोहगीबरवा समेत संवेदनशील गांवों पर नजर

इसके बाद डीएम ने सोहगीबरवा क्षेत्र का निरीक्षण कर ग्रामीणों से संवाद किया। ग्रामीणों से नदी के तटीय और निचले इलाकों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा बच्चों और बुजुर्गों को नदी के किनारे न जाने देने की अपील की गई।

प्रशासन के मुताबिक फिलहाल बाल्मीकि बैराज का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन नेपाल में हुई जलप्रलय को देखते हुए अगले तीन-चार दिनों तक विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

राहत चौपाल में ग्रामीणों ने गिनाईं समस्याएं

सोहगीबरवा गांव में आयोजित राहत चौपाल में ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग और विद्युत आपूर्ति समेत कई समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। डीएम ने पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता को संपर्क मार्ग का आगणन तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को भी समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

ग्रामीणों ने हाईस्कूल, सहकारी समिति एवं क्रय केंद्र की स्थापना, बंद सामुदायिक शौचालय को शुरू कराने और पशु चिकित्सालय में चिकित्सक की उपलब्धता की मांग भी उठाई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

15 हजार आबादी वाले क्षेत्र में योजनाओं की भी समीक्षा

बीडीओ निचलौल के अनुसार सोहगीबरवा क्षेत्र में तीन ग्राम पंचायतें हैं, जिनकी कुल आबादी करीब 15 हजार है। अकेले सोहगीबरवा गांव की आबादी करीब 8 हजार बताई गई। प्रशासन के अनुसार गांव में 439 लोगों को प्रधानमंत्री आवास, 161 को मुख्यमंत्री आवास, 1,064 लोगों को व्यक्तिगत शौचालय और 4,205 लोगों को आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल चुका है।

डीएम ने बीडीओ को कैंप लगाकर फैमिली आईडी के माध्यम से पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से संतृप्त करने और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सीएचसी का भी निरीक्षण

निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने सीएचसी सोहगीबरवा का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकों, एएनएम और आशाओं से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली तथा सीएचसी को पूरी क्षमता से संचालित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए।

फिलहाल महराजगंज में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नेपाल की जलप्रलय, नारायणी में बढ़ते बहाव और चार शवों की बरामदगी ने खतरे की घंटी जरूर बजा दी है। प्रशासन नदी और सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत-बचाव तंत्र को सक्रिय रखा गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *