भारी दबाव के बाद नेपाल पुलिस को युवक को भारत वापस लाना पड़ा। पुलिस और एसएसबी की मौजूदगी में युवक को उसकी मां के हवाले कर दिया गया
अगर युवक किसी अपराध में लिप्त नहीं था तो नेपाल पुलिस ने उसके साथ इतनी बर्बरता क्यों की यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न है?
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
सोनौली महराजगंज! नेपाल से लगी उत्तर प्रदेश के सोनौली अंतर्राष्ट्रीय सीमा से बुधवार को हैरान कर देने वाला एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में नेपाल पुलिस के कुछ जवान एक युवक को घसीटकर अपने देश की सीमा की ओर ले जाते दिखे थे। बाद में पता चला कि उन्होंने बिना भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी दिए भाग रहे युवक के पीछे-पीछे सीमा पार करने की गलती की थी। वीडियो में भारतीय पुलिस और एसएसबी भी नजर आई थी जिन्होंने नेपाली पुलिस के जवानों को युवक को घसीटने से रोका।

इसके बाद नेपाल पुलिस युवक को लेकर नेपाल की सीमा में चली गई। यह घटना जब अधिकारियों के संज्ञान में आया तो हड़कंप मच गया।
तत्काल सक्रिय हुई भारतीय एजेंसियों ने नेपाली एजेंसियों को हिदायत दी कि आगे से इस तरह की चूक न हो। यदि कभी इस तरह के हालात पैदा हों तो फिर दोनों ओर से समन्वय स्थापित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इस बीच नेपाल से युवक के बारे में एक नई सूचना और तस्वीर सामने आई है। इसके मुताबिक भारी दबाव में नेपाली पुलिस ने युवक भारतीय पुलिस को सौंप दिया। आज पुलिस और एसएसबी ने युवक को उसकी मां के हवाले कर दिया है।
युवक के बारे में बुधवार को यही सूचना मिली थी कि वह नेपाल के बेलहिया से भागकर भारतीय सीमा में घुस गया था। उसका पीछा करते-करते नेपाली पुलिस भी भारतीय सीमा में कुछ दूर तक आ गई। नेपाली पुलिस ने युवक को पकड़ लिया और घसीटते हुए अपने देश की सीमा की ओर ले जाने लगी। उसी दौरान वहां मौजूद यूपी पुलिस और एसएसबी के कुछ जवानों ने नेपाली पुलिस को रोका और सड़क पर घसीटे जा रहे युवक को खड़ा किया। वायरल हो रहे वीडियो में नेपाली पुलिस के जवान, भारतीय जवानों से कुछ बात करते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि उन्होंने युवक के नेपाली पुलिस की अभिरक्षा से भाग कर आने का हवाला दिया। इसके बाद नेपाली पुलिस युवक को अपने साथ लेकर चली गई।
इधर, भारतीय सीमावर्ती क्षेत्र में जब इस घटना का वीडियो वायरल हुआ तो हड़कंप मच गया। सीमावर्ती इलाके में अधिकार क्षेत्र और मानवाधिकार को लेकर सवाल खड़े होने लगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नेपाली पुलिस द्वारा किया गया यह कृत्य साल 1953 की भारत-नेपाल प्रत्यर्पण संधि का उल्लंघन है। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो इन सवालों के मद्देनजर सीमा पर तैनात भारतीय सुरक्षा एजेंसियां तत्काल सक्रिय हुईं।
बताया जा रहा है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के बीच घंटों बातचीत हुई।
भारी दबाव के नेपाल पुलिस ने युवक को भारतीय पुलिस को सौंप दिया। आज पुलिस और एसएसबी ने युवक को उसकी मां के हवाले कर दिया। गुरुवार की सुबह युवक को मां के सुपुर्द किए जाने की एक तस्वीर भी सामने आई। लेकिन सवाल यह है कि अगर युवक कोई अपराधी नहीं था तो नेपाल पुलिस ने उसके साथ इतनी बर्बरता क्यों की। यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न है?