नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने मचाई भीषण तबाही, 12 की मौत, 50 से अधिक लापता

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

काठमांडू! नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इसकी वजह से अब तक 12 लोगों की मौत की खबर है। वहीं 50 से अधिक सुरक्षाकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। मौत का आंकड़ा बढ़ने की संभावना है। तिब्बत से नेपाल में प्रवेश करने वाली भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तटीय इलाकों के बाजार और कई जलविद्युत परियोजनाएं जलमग्न और क्षतिग्रस्त हो गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने त्रिशूली नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है।

 

काठमांडू पोस्ट ने रसुवा के प्रमुख जिलाधिकारी नरेंद्र परियार के हवाले से कहा है कि बाढ़ का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में बिल्कुल बारिश नहीं हुई है और मौसम साफ है। आशंका जताई जा रही है कि ऊपरी क्षेत्र में कोई ग्लेशियर झील के फटने या कोई अस्थायी बांध टूटने के कारण नदी में अचानक बाढ़ आई है। प्रशासन का कहना है कि लोगों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। शुरुआती रिपोर्ट्स से भारी नुकसान की बात सामने आ रही है।

स्थानीय निवासी अजय श्रेष्ठ ने बताया कि पानी का बहाव इतना तेज था कि मानो अचानक कोई बांध टूट गया हो। इस बाढ़ में चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट समेत कई अन्य जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। नदी के बहाव को देखते हुए नुवाकोट और धादिंग जिलों के निचले इलाकों पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

 

बाढ़ और भूस्खलन के कारण तिमुरे में फंसे लोगों को बचाने के लिए भेजा गया एल्टीट्यूड एयर का एक हेलीकॉप्टर विना लैंड किए ही वापस काठमांडू लौट आया। 

पायलट ने बताया कि बाढ़ के तेज बहाव में तिमुरे का स्थानीय हेलीपैड पूरी तरह बह गया है, जिससे वहां उतरने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची। आसमान से देखने पर पूरा तिमुरे गांव बाढ़ और मलबे के कारण लगभग दिखाई ही नहीं दे रहा था।

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