जिलाधिकारी ने एसडीएम नौतनवां नवीन प्रसाद की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की,तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज! नौतनवां विकास खंड के ग्राम शेष फरेन्दा में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। गांव की पोखरी पर सुंदरीकरण
के तहत निर्मित प्रवेश द्वार (गेट) अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक मासूम बच्चा मलबे के नीचे दब गया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को आनन-फानन में परिजन नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बच्चा पोखरी के पास खेल रहा था, तभी अचानक गेट का एक हिस्सा ढह गया और वह उसके नीचे दब गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सुंदरीकरण कार्य में मानकों की अनदेखी और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के कारण यह हादसा हुआ है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
ग्राम प्रधान महेंद्र यादव ने बताया कि पोखरी सुंदरीकरण परियोजना के तहत निर्मित यह गेट लगभग ढाई से तीन वर्ष पूर्व उनके कार्यकाल में बनाया गया था। उनके अनुसार निर्माण के समय गेट पूरी तरह सुरक्षित और अच्छी स्थिति में था।

प्रधान ने बताया कि कुछ दिन पहले एक ट्रैक्टर चालक की टक्कर से गेट क्षतिग्रस्त हो गया था। इस संबंध में जब ट्रैक्टर चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही गई, तो उसने स्वयं गेट की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया था। ग्राम प्रधान के मुताबिक ट्रैक्टर स्वामी को कई बार मरम्मत कार्य कराने के लिए कहा गया, लेकिन समय रहते गेट की मरम्मत नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि हादसे के दिन करीब सात-आठ बच्चे गेट पर झूला झूलने और लटकने लगे, तभी क्षतिग्रस्त गेट का हिस्सा अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में आने से एक मासूम बालक की मौत हो गई। ग्राम प्रधान ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हादसा है।
सोनौली थानाध्यक्ष महेंद्र मिश्रा ने बताया कि परिजनो ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया है और वे किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नही चाहते हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है तथा निर्माण कार्य से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। वहीं, इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
बता दें कि ग्राम पंचायत शेख फरेंदा में अमृत सरोवर का गेट गिरने से विक्की (उम्र 11 वर्ष) पुत्र वीरेंद्र यादव की मौत के मामले में जिलाधिकारी गौरव सिंह सोंगरवाल द्वारा एसडीएम नौतनवां नवीन प्रसाद की अध्यक्षता में 03 सदस्यीय जांच समिति का गठन करते हुए 03 दिवस के भीतर जांच आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
जिलाधिकारी महोदय ने कहा है कि जांच में जिस किसी की भी लापरवाही पाई जाएगी, उसके विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। जांच समिति में अन्य सदस्य अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और जिला पंचायतराज अधिकारी हैं।