प्रधानमंत्री बालेन सरकार के निर्णय से भगवान बुद्ध के देश में एक बार पुनः अशांति का दौर जारी 

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

महराजगंज 22 अप्रैल 2026 ! नेपाल में एक बार फिर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं, विशेषकर भारत-नेपाल सीमावर्ती इलाकों में, जिसके कारण सीमा पर तनाव बढ़ गया है।

विरोध प्रदर्शन मुख्य कारण 

सीमा पर कस्टम ड्यूटी और 100 रुपये का नियम, नेपाल सरकार (विशेषकर मधेस क्षेत्र में) ने राजस्व लीकेज रोकने के नाम पर एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत भारत से लाई गई 100 रुपये से अधिक की वस्तुओं पर भारी कस्टम ड्यूटी लग रही है।

नेपाल के मधेशी समुदाय और सीमावर्ती निवासियों का कहना है कि यह नियम उनकी कमर तोड़ रहा है, क्योंकि वे घरेलू जरूरतों (राशन, खाद, कपड़े) के लिए भारत के बाजारों पर निर्भर हैं।

बालेन शाह के फैसले का विरोध करने के लिए जनता सड़कों पर उतर चुकी है। प्रधानमंत्री बालेन शाह के इन फैसलों के खिलाफ स्थानीय लोग और व्यापारी सड़कों पर उतरे हैं, जिसे वे ‘अघोषित नाकेबंदी’ मान रहे हैं।

ताजा स्थिति यह है कि विरोध की चिंगारी वीरगंज, जनकपुर और अन्य सीमावर्ती ग्रामीण इलाकों में फैल रही है, जहां प्रदर्शनकारी बाजार बंद करा रहे हैं।

हालांकि इस दौरान प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन मधेस क्षेत्र में भारी असंतोष के कारण तनावपूर्ण माहौल है।

यह विरोध प्रदर्शन 2025 में हुए व्यापक ‘जेन-जेड’ (Gen Z) आंदोलनों (जो सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ थे) के बाद का

ताजा अशांति का दौर जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *