फरेंदा में 5 साल में बदलाव लाने का दावा, बोले डॉ. निशांत मणि त्रिपाठी—विकास ऐसा होगा जो जनता खुद महसूस करेगी

शिक्षित और योग्य नेतृत्व से ही बदलेगी फरेंदा की तस्वीर, जनता से बोले डॉ. निशांत मणि त्रिपाठी

क्लास-वन अधिकारी की नौकरी छोड़ राजनीति में आए डॉ. निशांत मणि त्रिपाठी, बोले—जनता के विश्वास का कर्ज पांच साल में उतारूंगा

मनोज कुमार त्रिपाठी 

द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ | फरेंदा, महराजगंज।

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। इसी बीच फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय डॉ. निशांत मणि त्रिपाठी ने शिक्षित, योग्य और प्रशासनिक अनुभव वाले नेतृत्व की जरूरत पर जोर देते हुए क्षेत्र के विकास को लेकर अपना विजन सामने रखा है। द इंडिया एक्सप्रेस न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और मतदाताओं को अपना प्रतिनिधि चुनने से पहले उसकी योग्यता, समझ, अनुभव और कार्यक्षमता का मूल्यांकन जरूर करना चाहिए।

शिक्षित और योग्य नेतृत्व पर दिया जोर

विधायकों की शैक्षिक योग्यता और क्षेत्रीय समस्याओं के प्रति उनकी समझ से जुड़े सवाल पर डॉ. निशांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि उनकी लड़ाई जनता को जागरूक करने की है। उन्होंने कहा कि चुनाव में कई प्रत्याशी मैदान में उतर सकते हैं, लेकिन अंतिम फैसला जनता को करना है कि उसे किस तरह का नेतृत्व चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता से संवाद स्थापित करने का उनका उद्देश्य केवल वोट मांगना नहीं, बल्कि लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है। मतदाताओं को किसी भी प्रत्याशी को चुनने से पहले यह समझना चाहिए कि वे अगले पांच वर्षों के लिए अपना प्रतिनिधि चुन रहे हैं। इसलिए उम्मीदवार की शिक्षा, प्रशासनिक समझ, तकनीकी दक्षता और क्षेत्र के विकास के प्रति उसकी सोच को परखना जरूरी है।

डिजिटल इंडिया के लिए तकनीकी दक्षता जरूरी

डॉ. त्रिपाठी ने आधुनिक भारत, विकसित भारत और डिजिटल इंडिया की परिकल्पना का जिक्र करते हुए कहा कि बदलते दौर में जनप्रतिनिधियों का शिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष होना महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, जब देश डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, तो नेतृत्व करने वाले व्यक्ति को भी आधुनिक तकनीक और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समझ होनी चाहिए, ताकि विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

उन्होंने कहा कि राजनीति में अच्छे और योग्य लोगों की भागीदारी बढ़नी चाहिए। हालांकि, उनका जोर इस बात पर रहा कि जनता को केवल नारों या दावों के आधार पर नहीं, बल्कि प्रत्याशियों की वास्तविक योग्यता और क्षमता के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।

सरकारी नौकरी छोड़ने के पीछे समाज के लिए कुछ करने की सोच

सरकारी सेवा छोड़कर जनता के बीच आने के फैसले पर उन्होंने कहा कि सरकारी पद पर सुरक्षित जीवन और सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन समाज के लिए कुछ करने की इच्छा व्यक्ति को अलग रास्ता चुनने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि अक्सर लोग राजनीति में अच्छे और शिक्षित उम्मीदवारों की कमी की बात करते हैं। दूसरी ओर, जब योग्य लोग राजनीति में आने के बारे में सोचते हैं, तो राजनीतिक व्यवस्था को लेकर उनके मन में कई सवाल होते हैं। ऐसे में बदलाव की इच्छा रखने वाले लोगों को आगे आना चाहिए।

डॉ. त्रिपाठी के अनुसार, जनता अब अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक हो रही है और सवाल भी पूछ रही है। उनका मानना है कि यदि जनता का विश्वास और समर्थन मिला, तो क्षेत्र के विकास के लिए ठोस काम किया जा सकता है।

छह महीने में मिले सम्मान को बताया अपनी ताकत

क्षेत्र में मिल रहे जनसमर्थन और लोगों की प्रतिक्रिया के सवाल पर डॉ. निशांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि वह पिछले लगभग छह महीनों से सक्रिय रूप से जनता के बीच जा रहे हैं। इस दौरान लोगों से मिले प्रेम, सम्मान और आशीर्वाद के लिए उन्होंने आभार जताया।

उन्होंने कहा कि जनता का स्नेह उनके लिए सबसे बड़ी ताकत है। लोगों से मिल रहे समर्थन से उन्हें क्षेत्र के लिए काम करने का साहस और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनता का सहयोग मिला तो वह फरेंदा को विकास की नई दिशा देने का प्रयास करेंगे।

पांच साल में बदलाव लाने का दावा

डॉ. त्रिपाठी ने फरेंदा के विकास को लेकर अपना लक्ष्य स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्हें विकास के लिए दस, पंद्रह या बीस साल का वादा नहीं करना है। उनका दावा है कि यदि उन्हें काम करने का अवसर मिला, तो पांच साल के भीतर क्षेत्र में ऐसा परिवर्तन लाने का प्रयास करेंगे, जिसे जनता स्वयं महसूस कर सके।

उन्होंने कहा कि विकास केवल भाषणों और प्रचार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका असर आम लोगों के जीवन में दिखाई देना चाहिए। लोगों को बार-बार विकास के बारे में बताने की जरूरत न पड़े, बल्कि वे अपने अनुभव से बदलाव को महसूस करें।

उन्होंने प्रशासनिक अनुभव, तकनीकी दक्षता और साफ नीयत को बेहतर नेतृत्व की महत्वपूर्ण विशेषताएं बताते हुए कहा कि योग्य व्यक्ति को अवसर मिलने पर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

जनता के विश्वास का कर्ज उतारने की बात

बातचीत के अंत में डॉ. निशांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि पिछले छह महीनों में जनता से मिला सम्मान और आशीर्वाद उनके लिए बहुत मायने रखता है। उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें चुनाव में जीत दिलाकर सेवा का अवसर देती है, तो वह पांच साल में अपने काम के जरिए जनता के विश्वास का कर्ज उतारने का प्रयास करेंगे।

फिलहाल, फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में डॉ. निशांत मणि त्रिपाठी की सक्रियता और विकास को लेकर उनके दावे चर्चा का विषय हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगामी चुनाव में जनता शिक्षित और प्रशासनिक अनुभव वाले नेतृत्व के उनके विचारों को किस तरह स्वीकार करती है।

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