बंगाल परिणाम के अगले दिन यूपी में भी बढ़ सकता है मंत्रियों का पद और कद

दो ब्राह्मण चेहरों को मिल सकती है मंत्रिमंडल में जगह

सपा से आए नेताओं को मिल सकती है जगह, खिल सकते हैं उनके चेहरे

उमेश चन्द्र त्रिपाठी 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार और बड़े फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं, जिससे कई नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर असर पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, योगी आदित्यनाथ सरकार मंगलवार को मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है। यह फेरबदल पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम के ठीक अगले दिन होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इसके राजनीतिक मायने और भी अहम हो जाते हैं। 

बताया जा रहा है कि पांच से सात नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में कटौती या बदलाव भी संभव है। एक करीबी मंत्री के विभाग में कमी और दो मंत्रियों को संगठन में भेजे जाने की चर्चा भी है।

जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस

पश्चिमी यूपी में जाट और गुर्जर बिरादरी को साधने की कोशिश हो सकती है, जबकि पूर्वांचल के दो ओबीसी चेहरों को सियासी ताकत मिलने के संकेत हैं। इसके अलावा एक नए ब्राह्मण चेहरे की एंट्री और एक पुराने ब्राह्मण नेता की वापसी भी संभव मानी जा रही है। दलित समाज से भी दो नए चेहरों को शामिल किए जाने की बात सामने आ रही है।

किन नेताओं के नाम चर्चा में?

संभावित नामों में भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडे, अशोक कटारिया, पूजा पाल, श्रीकांत शर्मा, राजीव तरारा, कृष्णा पासवान और राजेश्वर सिंह जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही बागी सपा विधायकों को भी साधने की कोशिश हो सकती है, जिससे उनका राजनीतिक भविष्य चमक सकता है।

पुराने मंत्रियों पर असर

इस फेरबदल में कई दिग्गज नेताओं के विभाग बदले जा सकते हैं, कुछ का कद घट सकता है तो कुछ को प्रमोशन भी मिल सकता है। 4 मई को होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक को पुराने मंत्रियों के लिए अंतिम बैठक के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक सरकार या पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए सभी बदलाव फिलहाल संभावनाओं और सूत्रों पर आधारित हैं।

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