उमेश चन्द्र त्रिपाठी
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में सीमा विवाद को लेकर कहा था कि नेपाल ने भी भारत की जमीनों पर कब्जा किया है। इस बयान से नेपाल में विवाद पैदा हो गया, जिसके बाद अब वहां के विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर सफाई दी है।
रविवार को एक बयान जारी करते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री शाह की टिप्पणी दोनों देशों के बीच ‘नो-मैन्स लैंड’ और सीमा पार के कब्जे से जुड़ी हुई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र में लिम्पियाधुरा, लिपुलेख, कालापानी और सुस्ता ऐसे क्षेत्र हैं जिनका सीमांकन किया जाना अभी बाकी है। नेपाल और भारत दोनों ने कूटनीतिक माध्यमों और आपसी चर्चा से सीमा मुद्दों को सुलझाने की प्रतिबद्धता जताई है।’ मंत्रालय ने कहा, ‘ऐसी संभावनाएं हैं कि भारतीय पक्ष के लोगों की इस्तेमाल की जा रही जमीन नेपाली क्षेत्र में हो और नेपाल के लोगों द्वारा इस्तेमाल की जा रही जमीन भारतीय क्षेत्र में हो। प्रधानमंत्री ने संसद में जो कहा, वो असल में इसी सीमा पार के कब्जे को लेकर कहा था।