डीएम साहब, कब होगी जांच? एजेंटों की भूमिका पर उठे सवाल
मनोज कुमार त्रिपाठी
महराजगंज। जिले के एआरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर कथित रूप से अतिरिक्त रकम मांगे जाने की शिकायतें सामने आई हैं। प्रकाशित खबर के अनुसार, कुछ एजेंटों पर आवेदकों से 5,500 से 7,500 रुपये तक की मांग किए जाने के आरोप हैं।
शिकायतों के बाद सरकारी शुल्क, टेस्ट और ट्रेनिंग के नाम पर लिए जाने वाले भुगतान की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। आवेदकों को निर्धारित शुल्क और अन्य भुगतानों की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति न रहे।

डीएम से जांच की मांग
मामले में जिला प्रशासन और एआरटीओ विभाग से सभी निर्धारित शुल्कों की सूची सार्वजनिक करने, प्रत्येक भुगतान की अधिकृत रसीद सुनिश्चित करने और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठ रही है।
इस संबंध में जब एआरटीओ कार्यालय के अधिकारियों से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन या संपर्क सूत्र उपलब्ध नहीं हो सका। ऐसे में मामले पर विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आ पाया है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता प्रमाणित नहीं है। आरोपों की सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब सवाल यह है कि महराजगंज प्रशासन इन शिकायतों की जांच कब कराएगा? यदि अवैध वसूली की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी?

