अमृत सरोवर परियोजना में अनियमितताओं पर डीएम का कड़ा एक्शन तीन अधिशासी अधिकारियों, अवर अभियंता और लिपिक के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति से मचा हड़कंप
अन्य दोषियों पर भी लटकी है कार्यवाई की तलवार
घटना के दिन परिजनों से मिलते समय डीएम की आंखें भी हुईं थीं नम; बोले—जनता के पैसे और जनहित के कार्यों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
दिलीप त्रिपाठी
महराजगंज, 12 सितम्बर 2026।भ्रष्टाचार कोई और किया, लेकिन उसका खामियाजा भुगतना पड़ा उन तीन बच्चों को जो बिल्कुल मासूम थे, यही नहीं इस घटना ने मृत बच्चों के परिजनों के जज्बातों और सपनों को भी जलाकर खाक कर दिया, जिन्हे वे अपने मासूमों के लिए सजोंकर रखे थे। 2 अगस्त 26 नगर पालिका परिषद सिसवा बाजार के लिए काला दिन बन गया। यहाँ के मीरा बाई नगर वार्ड संख्या-25 में करीब ₹4 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन अमृत सरोवर परियोजना में कथित भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण और वित्तीय अनियमितताओं के दलदल में फंसकर उन तीनों बच्चों की मौत ने सभी को झकझोर दिया था।

इस हृदय विदारक घटना को जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने गंभीरता से लेते हुए जांच कराई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस पूरे प्रकरण में कार्रवाई के साथ-साथ तीन बच्चों की डूबने से हुई मौत की घटना ने भी प्रशासन को झकझोर दिया। जांच के दौरान इस दर्दनाक घटना को भी गंभीरता से संज्ञान में लिया गया और यह जांच कराई गई कि निर्माण एवं पर्यवेक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपने दायित्वों का समुचित निर्वहन किया था या नहीं।
बच्चों की मौत ने डीएम को भी किया था भावुक
इस घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल भी भावुक हो उठे थे। मासूम बच्चों को खोने वाले परिजनों का दर्द सुनते समय उनकी आंखें भी नम हो गईं। प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते हुए कठोर निर्णय लेने वाले जिलाधिकारी का यह संवेदनशील पक्ष उस समय सामने आया, जब उन्होंने पीड़ित परिजनों के दुख को करीब से महसूस किया।बच्चों की मौत केवल एक हादसा नहीं थी, बल्कि इससे जुड़े सवालों और जिम्मेदारियों को भी गंभीरता से देखने की आवश्यकता थी
इसी संवेदनशीलता के साथ जिलाधिकारी ने जांच समिति को निर्माण कार्य, सुरक्षा व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारियों की भी जांच करने के निर्देश दिए। शिकायत के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा त्रि-सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति में उप जिलाधिकारी निचलौल, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, महराजगंज तथा उपायुक्त श्रम रोजगार, महराजगंज को शामिल किया गया था। समिति को परियोजना में लगाए गए भ्रष्टाचार, निर्माण गुणवत्ता तथा वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान अधिशासी अधिकारी विन्ध्याचल को स्पष्टीकरण जारी किया जा चुका है। वहीं अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत तालाब सौंदर्यीकरण के वास्तविक निर्माण कार्य के दौरान तैनात रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका और उनके पर्यवेक्षणीय दायित्वों की भी जांच की गई।
जांच आख्या के आधार पर तत्कालीन अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत सिसवा बाजार संदीप कुमार सरोज, अवर अभियंता देवेंद्र कुमार एवं लिपिक विनोद कुमार के निलंबन की संस्तुति की गई है। वहीं तत्कालीन अधिशासी अधिकारी श्रीमती प्रियंका मिश्रा का स्पष्टीकरण प्राप्त किए जाने की संस्तुति की गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा प्रमुख सचिव, नगर विकास को पत्र प्रेषित किया गया है।
तीन बच्चों की मौत के तत्काल बाद संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई भी की गई थी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी धन से संचालित विकास परियोजनाओं में भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता, घटिया निर्माण अथवा पर्यवेक्षणीय दायित्वों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय होगी और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। प्रशासन में भ्रष्टाचार एवं लापरवाही के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति प्रभावी रूप से लागू है और किसी भी स्तर पर दोषी व्यक्ति को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
एक ओर जहां इस मामले में प्रशासन ने अनियमितताओं के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है, वहीं बच्चों को खो चुके परिवारों के प्रति जिलाधिकारी की संवेदनशीलता ने यह भी संदेश दिया कि प्रशासनिक कार्रवाई के साथ मानवीय संवेदना भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।



