सोनौली गौशाला में फिर दो गायों की मौत
व्यवस्थाओं पर उठे सवाल; ईओ सुरभि मिश्रा बोलीं— भ्रष्टाचार मिला तो होगी कड़ी कार्रवाई
मनोज कुमार त्रिपाठी
सोनौली। सोनौली नगर पालिका क्षेत्र स्थित कान्हा गौशाला में लगातार गायों की मौत के मामले ने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार, 27 जून 2026 को गौशाला से दो मृत गायों को दफनाने के लिए ले जाया गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि गौशाला के कर्मचारियों का फोन आने के बाद दोनों मृत गायों को दफनाने के लिए लाया गया था। हालांकि, गायों की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मामले को लेकर कई बार खबरें प्रकाशित होने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार देखने को नहीं मिला है।
एक ओर योगी सरकार गौ संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने और गौवंश के संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित करने की बात करती है, वहीं सोनौली गौशाला में लगातार सामने आ रही गायों की मौत की घटनाओं ने व्यवस्थाओं और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर पर्याप्त चारा, उपचार और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाती, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था।
मामले में जब सोनौली नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सुरभि मिश्रा से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें मामले की सूचना मिल चुकी है और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही गौशाला के लिए 84 बोरे दाना भेजा गया था, जिनमें से 24 बोरे गौशाला में पहुंच चुके हैं, जबकि शेष दाना सुरक्षा की दृष्टि से गोदाम में रखा गया है ताकि किसी प्रकार की हेराफेरी न हो सके।
ईओ सुरभि मिश्रा ने कहा, “मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि गौशाला में यदि कहीं भी भ्रष्टाचार पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर लगातार गायों की मौत क्यों हो रही है? क्या गौशाला में पर्याप्त चारा, चिकित्सा और देखभाल की व्यवस्था है? यदि नहीं, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है? स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।