मनोज कुमार त्रिपाठी
नौतनवा, महराजगंज। नगर पालिका परिषद नौतनवा के अधिशासी अधिकारी (ईओ) संदीप कुमार सरोज द्वारा हाल ही में दिए गए इस बयान कि “ब्लड रिलेशन (रक्त संबंध) में किसी को भी ठेका नहीं दिया जाता” के बाद नगर पालिका के कई निर्माण कार्यों और टेंडरों को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि नगर पालिका के रिकॉर्ड में टैक्सी स्टैंड के संचालन एवं विकास कार्य, मंदिर निर्माण एवं सौंदर्यीकरण, सीसी रोड एवं सड़क निर्माण, नाली निर्माण, इंटरलॉकिंग, टिन शेड, पार्क एवं सार्वजनिक स्थलों के विकास, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक भवन, जल निकासी तथा अन्य विकास कार्यों से जुड़े कई ठेकों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ मामलों में ठेकेदारों और जनप्रतिनिधियों अथवा संबंधित पक्षों के बीच पारिवारिक संबंध होने की चर्चाएं हैं।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि नगर पालिका के रिकॉर्ड में ऐसे कई ठेके मौजूद हैं, जिनमें ठेकेदारों और जनप्रतिनिधियों अथवा संबंधित पक्षों के बीच पारिवारिक संबंध होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि नियमों के अनुसार रक्त संबंधियों को ठेका नहीं दिया जाता, तो इन मामलों की वास्तविक स्थिति क्या है?
मामले को लेकर पारदर्शिता की मांग तेज हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका को सभी संबंधित टेंडरों, पात्रता प्रक्रिया और चयन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार के भ्रम या विवाद की स्थिति समाप्त हो सके।
नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि सभी कार्य नियमानुसार किए जाते हैं और यदि किसी के पास किसी अनियमितता के संबंध में साक्ष्य हैं, तो सक्षम स्तर पर उनकी जांच कराई जा सकती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नगर पालिका उन चर्चित ठेकों की निष्पक्ष जांच कराएगी और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है तो क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी? आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रशासन का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है।