300 से अधिक सैनिकों और पूर्व सैनिकों के परिवारों की परेशानी का मुद्दा उठा, तीन साल से शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप
सुभाष चंद भारती बोले—बारिश में बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल, बुजुर्गों को भी परेशानी। सेवानिवृत्त सैनिक की पत्नी तारा देवी ने कहा—घर से पानी निकले तो जाए कहां, सुनने वाला कोई नहीं।
मनोज कुमार त्रिपाठी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के बिजनौर क्षेत्र स्थित सैनिक विहार कॉलोनी में जलनिकासी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की परेशानी सामने आई है। कॉलोनी में रहने वाले लोगों का आरोप है कि नालियों और पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण घरों के आसपास जलभराव, गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी रहती है। लोगों का कहना है कि इस स्थिति से उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

स्थानीय निवासी सुभाष चंद भारती ने बताया कि वह पिछले करीब छह वर्षों से कॉलोनी में रह रहे हैं। उनके मुताबिक, यहां पानी की निकासी के लिए न छोटी नाली की समुचित व्यवस्था है और न ही बड़ी नाली की। इसके कारण पानी जगह-जगह जमा रहता है। जलभराव से मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ने और बीमारियों का खतरा बना रहने की आशंका है।
सुभाष चंद भारती ने बताया कि बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल पहुंचने में परेशानी होती है, जबकि बुजुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। जरूरत पड़ने पर अस्पताल जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि कॉलोनी में रहने वाले सेवानिवृत्त सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं पर ध्यान देते हुए जलनिकासी की उचित व्यवस्था कराई जाए।

‘घर का पानी बाहर निकालें तो कहां निकालें?’
कॉलोनी में रहने वाली तारा देवी, जो एक सेवानिवृत्त सैनिक की पत्नी हैं, ने भी अपनी परेशानी बयां की। उन्होंने कहा कि घर से निकलने वाले पानी की निकासी के लिए कोई उचित रास्ता नहीं है। पानी आगे नहीं जा पाता, जिसके कारण आसपास गंदगी और बदबू की समस्या बनी रहती है। उनका सवाल है कि लोग अपने घरों का पानी बाहर निकालें भी तो कहां, जब आगे उसकी निकासी की कोई व्यवस्था ही नहीं है?
तारा देवी के अनुसार, दुर्गंध के बीच रहना और रोजाना इस रास्ते से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने शिकायत करते हुए कहा कि कॉलोनी में कचरा उठाने वाली गाड़ी आती है और उसके लिए लोग भुगतान भी करते हैं, लेकिन जलनिकासी जैसी बुनियादी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
उन्होंने भावुक होकर कहा कि कॉलोनी का नाम सैनिक विहार है और यहां सेवानिवृत्त सैनिकों के परिवार रहते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से सवाल किया कि जब सैनिकों के परिवारों को ही बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है, तो उनकी समस्याओं का समाधान आखिर कौन करेगा?
तीन साल से शिकायतों का दावा, फिर भी समाधान का इंतजार
कॉलोनी की समस्या को लेकर पहले भी स्थानीय लोगों की शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतकर्ता एसएसबी इंस्पेक्टर अरुण कुमार पांडेय के अनुसार, महापौर, विधायक और नगर आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों के समक्ष करीब तीन वर्षों से समस्या उठाई जा रही है। उन्होंने नगर आयुक्त को दो आवेदन देने और संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत करने की बात भी कही थी। हालांकि, इन शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष लिया जाना बाकी है।
अब सवाल जिम्मेदार विभागों से
सैनिक विहार कॉलोनी में जलनिकासी की समस्या केवल असुविधा का मामला नहीं है, बल्कि स्वच्छता, आवागमन और सार्वजनिक स्वास्थ्य से भी जुड़ी हुई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि क्षेत्र का निरीक्षण कराकर जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, नालियों का निर्माण या विस्तार कराया जाए और पानी की निकासी के लिए उचित आउटलेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अब देखना यह है कि नगर निगम और संबंधित जिम्मेदार अधिकारी स्थानीय लोगों की शिकायतों पर कब तक कार्रवाई करते हैं और सैनिकों तथा पूर्व सैनिकों के परिवारों को जलभराव एवं दुर्गंध की समस्या से कब राहत मिलती है।
